चांदनी चौक से बीजेपी के सांसद Dr Harsh Vardhan ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है. शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 195 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जिसमें डॉ. हर्षवर्धन का नाम नहीं था. जिस सीट से फिलहाल वो सांसद हैं वहां से प्रवीण खंडेलवाल को पार्टी ने टिकट दिया है. टिकट कटने के अगले ही दिन डॉ. हर्षवर्धन ने X पर सक्रिय राजनीति को अलविदा कहने का ऐलान किया. वो 30 साल से भाजपा के साथ राजनीति में एक्टिव थे. चलिए जानते हैं उनका सियासी सफर कैसा रहा है और आखिर क्यों उन्होंने संन्यास लेने का ऐलान किया और आगे अब क्या करेंगे.
'जड़ों की ओर वापसी चाहता हूं'
डॉ. हर्षवर्धन ने X पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी राजनीति जीवन को याद किया. उन्होंने लिखा कि मैं तत्कालीन RSS नेतृत्व के कहने पर पॉलिटिक्स में आया था. वे मुझे राजनीति में आने पर इसलिए मना सके क्योंकि राजनीति मेरे लिए गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ने का अवसर था. मैने 30 साल से अधिक के चुनावी करियर में पांच विधानसभा और दो संसदीय चुनाव लड़े और सभी चुनाव बड़े अंतर से जीते. इस दौरान कई प्रतिष्ठित पदों पर काम किया. लेकिन अब में अपनी जड़ों की ओर वापसी करना चाहता हूं. उन्होंने लिखा कि कृष्णा नगर में मेरा ईएनटी क्लिनिक मेरी वापसी का इंतजार कर रहा है.
दो बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में काम किया
डॉ. हर्षवर्धन ने लिखा कि राजनीति की मेरी यह पारी अद्भुत रही. इस दौरान आम आदमी की सेवा करने में मैं जुटा रहा. मैंने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के साथ-साथ दो बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में काम किया. यह मेरे दिल के करीब है. पहले पोलियो मुक्त भारत बनाने की दिशा में काम करने और फिर COVID -19 के दौरान उससे जूझ रहे लाखों देशवासियों के स्वास्थ्य की देखभाल करने का अवसर मुझे मिला.
1993 में पहली बार बने विधायक
30 साल से ज्यादा तक भारतीय राजनीति में सक्रिय डॉ. हर्षवर्धन 1993 में पहली बार दिल्ली के कृष्णा नगर से विधायक बने. और इसी सीट से 1998, 2003, 2008 और 2013 में विधायक चुने गए. दिल्ली सरकार में डॉ. हर्षवर्धन 1993-1998 के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून और न्याय मामलों के मंत्री रहे. 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने उन्हें पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया. हालांकि बीजेपी सरकार नहीं बना सकी. 2014 में पहली बार चांदनी चौक सीट से सांसदी का चुनाव लड़े और सांसद बने. मई 2014 से नवंबर 2014 के बीच पहली बार उन्हें मंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण बनाया गया. इसके बाद वो जुलाई 2021 तक कैबिनेट मंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान रहे. 2019 में दूसरी बार सांसदी का चुनाव जीते और मई 2019 से जुलाई 2021 तक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण रहे.
चांदनी चौक से प्रवीण खंडेलवाल को मिला टिकट
लोकसभा सीट चांदनी चौक से दो बार 2014 और 2019 में डॉ. हर्षवर्धन ने सांसदी का चुनाव जीता. इस बार 2024 लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने हर्षवर्धन की जगह प्रवीण खंडेलवाल को टिकट दिया है. हालांकि हर्षवर्धन अकेले नहीं हैं जिनका टिकट कट गया है. दिल्ली की 5 लोकसभा सीटों के लिए कल उम्मीदवारों की घोषणा हुई जिसमें मीनाक्षी लेखी, रमेश बिधूड़ी और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा को भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया. एक मात्र उत्तर पूर्वी दिल्ली से मनोज तिवारी पर ही पार्टी ने इस बार भी भरोसा जताया है.