Google ने प्ले स्टोर से हटाए 6 खतरनाक Apps, लोगों का पर्सनल डेटा कर रहे थे चोरी   

रिपोर्ट के मुताबिक, वायरस इन्फेक्टेड डिवाइसेज के लगभग 1,000 यूनिक आईपी एड्रेस  (IP Address) की पहचान की गई है. इनमें से ज्यादातर यूज़र इटली और यूके से ताल्लुक रखते हैं

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 11:35 AM IST
  • 15,000 से ज्यादा यूजर्स का डेटा खतरे में
  • सभी यूज़र्स को टारगेट नहीं करता ये 

हमें अक्सर ये सलाह दी जाती है कि जब भी कोई नया एप डाउनलोड करें तो वायरस का हमेशा ख्याल रखें. इंटरनेट पर ऐसे हजारों एप्स हैं जिनसे आपके फोन या डेस्कटॉप या लैपटॉप को खतरा हो सकता है.  अब हाल ही में एक नई रिपोर्ट सामने आई है जिसमें पता चला है कि लगभग 15,000 एंड्रॉइड यूजर्स ने गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से एंटी-मैलवेयर एप डाउनलोड किए हैं. लेकिन हैकर्स से बचाने के बजाय ये एप डिवाइस से पासवर्ड, बैंक डिटेल और दूसरी पर्सनल इन्फॉर्मेशन चोरी कर रहे हैं.  हालांकि इन एप्स को  गूगल ने अपने ऐप स्टोर से हटा दिया गया है.

15,000 से ज्यादा यूजर्स का डेटा खतरे में

चेक प्वाइंट के साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के अनुसार, एप्स ने 15,000 से ज्यादा यूजर्स को शार्कबॉट एंड्रॉयड मैलवेयर से इन्फेक्ट किया है. बता दें, ये क्रेडेंशियल और बैंकिंग डिटेल्स को चुराता है. रिपोर्ट के मुताबिक, “यह मैलवेयर एक जियो फेंसिंग फीचर और चोरी की तकनीक का यूज करता है, जो इसे बाकी मैलवेयर से अलग बनाता है. यह डोमेन जनरेशन एल्गोरिथम (DGA) नाम की तकनीक का यूज करता है  जो एंड्रॉयड मैलवेयर की दुनिया में शायद ही कभी इस्तेमाल किया जाता है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दौरान वायरस इन्फेक्टेड डिवाइसेज के लगभग 1,000 यूनिक आईपी एड्रेस  (IP Address) की पहचान की गई है. इनमें से ज्यादातर यूज़र इटली और यूके से ताल्लुक रखते हैं.  

सभी यूज़र्स को टारगेट नहीं करता ये 

दरअसल, ये सबसे पहले यूजर्स को उनकी क्रेडेंशियल जैसे नाम, नंबर जैसी चीज़ें एक विंडो में डालने के लिए कहता है. इसके बाद शार्कबॉट इस डाटा को एक सर्वर को भेजा देता है. हालांकि, ये सभी यूज़र्स को टारगेट नहीं करता है. रिपोर्ट में कहा गया है, "शार्कबॉट सभी यूज़र्स को टारगेट नहीं करता है, बल्कि केवल चुनिंदा लोगों को ही निशाना बनाता है. ये जियो-फेंसिंग फीचर का इस्तेमाल करता है और चीन, भारत, रोमानिया, रूस, यूक्रेन या बेलारूस के यूज़र्स को छोड़ देता है.”

अब गूगल ने इनकी पहचान करके प्ले स्टोर से स्थायी रूप से हटा दिया है.
 
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