
माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स लंबे वक्त तक दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति रहे हैं. उन्होंने पर्सनल कंप्यूटिंग की दुनिया को बदलने में अहम भूमिका निभाई है. अगर किसी इंसान को उनके साथ समय बिताकर उनके अनुभव से फायदा उठाने का मौका मिले, तो कौन ही मना करेगा? लेकिन अब बिल गेट्स ने खुलासा किया है कि अगर उन्हें मौका मिलता तो वह किस भारतीय के साथ समय बिताते.
गेट्स ने लिए चार भारतीयों के नाम
हाल ही में बिल गेट्स ने राज शमानी के पॉडकास्ट 'फिगरिंग आउट' में हिस्सा लिया. जब उनसे पूछा गया कि वे तीन भारतीयों का नाम बताएं जिन्हें वह डिनर पर आमंत्रित करना चाहेंगे तो उन्होंने तीन नहीं बल्कि चार लोगों का नाम लिया. गेट्स जीवित या मृत किसी भी व्यक्ति का नाम ले सकते थे. ऐसे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रतन टाटा, महाराज किशन भान और श्रीनिवासन रामानुजन का नाम लिया.
नरेंद्र मोदी
जिन लोगों से गेट्स डिनर पर मिलना पसंद करेंगे उनमें भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं. गेट्स ने मोदी के साथ अपनी बातचीत की बहुत तारीफ की. उन्होंने पीएम मोदी के साथ अपनी बैठक को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्हें भारत के भविष्य के लिए उनके दृष्टिकोण को समझने का मौका मिला.
रतन टाटा
मोदी के साथ-साथ गेट्स ने दिग्गज उद्योगपति दिवंगत रतन टाटा के प्रति भी सम्मान व्यक्त. गेट्स को टाटा के साथ मिलकर काम करने का सौभाग्य मिला है. उन्होंने आज़ादी के बाद भारत को आकार देने में टाटा जैसे उद्योगपतियों की सकारात्मक भूमिका की सराहना की. गेट्स के लिए टाटा का व्यावसायिक और सामाजिक योगदान भारत के लिए बहुत जरूरी रहा है.
राज भान
गेट्स ने बायोटेक विशेषज्ञ राज भान का नाम भी लिया. राज भान को महाराज किशन भान के नाम से भी जाना जाता है. साल 2020 में उनका निधन हो गया था. वह एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक थे जिन्होंने भारत के बायो टेक्नोलॉजी विभाग की स्थापना की थी. गेट्स ने बताया कि भान से मिलना उनके लिए एक खास पल था. अगर मौका मिलता तो वह एक बार उनके साथ दोबारा डिनर जरूर करना चाहते.
श्रीनिवास रामानुजन
गेट्स ने इस लिस्ट में जो सबसे दिलचस्प नाम लिया वह था दिवंगत गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का. गेट्स ने रामानुजन की तारीफ में कहा कि वह "रहस्यमय" थे. गेट्स हमेशा इस बात से हैरान थे कि कैसे रामानुजन अपने छोटे से जीवन और सीमित ट्रेनिंग के बावजूद संख्याओं की दुनिया में अद्वितीय उपलब्धियां हासिल कर पाए थे.
गेट्स ने स्वीकार किया कि ऐसे भारतीयों से मिल पाना उनका सौभाग्य रहा है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भारत हर क्षेत्र में टैलेंट से भरा हुआ है इसलिए डिनर के लिए कुछ लोगों को चुनना आसान नहीं है.