
अमेरिका की शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की एक निगेटिव रिपोर्ट के कारण अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई है. क्या आप जानते हैं हिंडनबर्ग के संस्थापक कौन हैं और इससे पहले वह क्या करते थे? अभी अडानी ग्रुप के बारे में क्या कहा है.आइए जानते हैं.
हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक नाथन एंडरसन हैं. उन्होंने इसकी स्थापना 2017 में की थी. एंडरसन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टीकट से इंटरनेशनल बिजनेस में डिग्री प्राप्त की है. इसके बाद उन्होंने डेटा कंपनी फैक्टसेट रिसर्च सिस्टम्स इंक से करियर की शुरुआत की. यहां उनका काम इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनियों से जुड़ा हुआ था. इसके पहले नाथन एंडरसन इजराइल में एंबुलेंस ड्राइवर का काम भी कर चुके हैं. उनका कहना है कि उन्हें भारी दबाव में काम करने में मजा आता है. हैरी मार्कपोलोस को एंडरसन अपना रोल मॉडल मानते हैं. मार्कपोलोस एक एनालिस्ट हैं जिन्होंने बर्नी मेडॉफ की फ्रॉड स्कीम का पर्दाफाश किया था.
हिंडनबर्ग कैसे रखा नाम
हिंडनबर्ग रिसर्च एक फोरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म है जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव्स को एनालाइज करती है. इस कंपनी का नाम छह मई, 1937 में हुए हिंडनबर्ग एयरशिप हादसे के नाम पर रखा गया है. यह दुर्घटना अमेरिका में न्यू जर्सी के मैनचेस्टर टाउनशिप में हुई थी.
गड़बड़ी पता कर रिपोर्ट करती है पब्लिश
हिंडनबर्ग रिसर्च किसी भी कंपनी में हो रही गड़बड़ी का पता लगाती है और फिर उसके बारे में रिपोर्ट पब्लिश करती है. उसकी नजर मैन-मेड डिजास्टर्स पर रहती है. इनमें अकाउंटिंग में गड़बड़ी, कुप्रबंधन और अनडिस्क्लोज्ड रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस शामिल है. यह प्रॉफिट कमाने के लिए टारगेट कंपनी के खिलाफ बेट लगाती है. हिंडनबर्ग कॉरपोरेट वर्ल्ड में सभी गलत कामों का ट्रैक रिकॉर्ड रखती है और फिर इन कंपनियों को शॉर्ट करती है.
2017 से लेकर अब तक 16 कंपनियों में गड़बड़ी का खुलासा
साल 2017 के बाद से हिंडनबर्ग ने अब तक करीब 16 कंपनियों में कथित गड़बड़ी को लेकर खुलासा किया है. पिछले साल इसने ट्विटर इंक को लेकर भी एक रिपोर्ट जारी की थी. पहले कंपनी ने मई- 2022 में एक छोटी रिपोर्ट दी थी, लेकिन जुलाई में फिर एक विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की थी. हालांकि सितंबर-2020 में इलेक्ट्रिक ट्रक निर्माता निकोला कॉर्प के खिलाफ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जाता है. हिंडनबर्ग के संस्थापक नाथन एंडरसन ने बताया था कि निकोला ने तकनीकी विकास को लेकर निवेशकों को धोखा दिया है. जिसमें उन्होंने निकोला द्वारा जारी एक वीडियो को चुनौती दी थी. बाद में एक अमेरिकी जूरी ने निकोला के संस्थापक को निवेशकों से झूठ बोलने के आरोप में दोषी ठहराया था. हिंडनबर्ग का कहना है कि व्हिसलब्लोअर और पूर्व कर्मचारियों से निष्कर्षों के साथ उन्होंने कंपनी के बारे में खुलासा किया था.
रिपोर्ट में दावा-अडानी ग्रुप में सबकुछ ठीक नहीं
हिंडनबर्ग रिसर्च की निगेटिव रिपोर्ट से एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी को 45 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अडानी ग्रुप में सबकुछ ठीकठाक नहीं है. ग्रुप दशकों से खुल्लम-खुल्ला शेयरों में गड़बड़ी और अकाउंट धोखाधड़ी में शामिल रहा है. हालांकि अडानी ग्रुप ने इस रिपोर्ट को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा है कि यह एफपीओ से पहले उसे बदनाम करने की साजिश है. अडानी ग्रुप का 20,000 करोड़ रुपए का एफपीओ शुक्रवार को खुल रहा है.