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34 की उम्र में बने अरबपति! Razorpay के को-फाउंडर्स ने रचा इतिहास, जानिए कैसे खड़ी की ₹8,643 करोड़ की कंपनी

शशांक कुमार और हर्षिल माथुर की मुलाकात IIT रुड़की में हुई थी. दोनों ही टेक्नोलॉजी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग में रुचि रखते थे. कॉलेज के बाद दोनों ने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया. शशांक कुमार ने Microsoft में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम किया.

Harshil Mathur (left), Co-founder & CEO, Razorpay, with Co-founder & CTO Shashank Kumar Harshil Mathur (left), Co-founder & CEO, Razorpay, with Co-founder & CTO Shashank Kumar

भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम ने कई युवा उद्यमियों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, लेकिन इस बार कहानी कुछ खास है. Razorpay के को-फाउंडर्स शशांक कुमार और हर्षिल माथुर सिर्फ 34 साल की उम्र में भारत के सबसे युवा अरबपति बन गए हैं!

हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, इनकी कुल संपत्ति ₹8,643 करोड़ हो चुकी है, जिससे वे भारत के अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए हैं. लेकिन सवाल ये उठता है कि Razorpay ने इतनी तेजी से कैसे सफलता हासिल की? इन दोनों ने आखिर कैसे अपने आइडिया को अरबों के बिजनेस में बदला?

IIT रुड़की से स्टार्टअप की दुनिया तक
शशांक कुमार और हर्षिल माथुर की मुलाकात IIT रुड़की में हुई थी. दोनों ही टेक्नोलॉजी और प्रॉब्लम-सॉल्विंग में रुचि रखते थे. कॉलेज के बाद दोनों ने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया. शशांक कुमार ने Microsoft में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम किया. हर्षिल माथुर ने Schlumberger में वायरलाइन फील्ड इंजीनियर के रूप में नौकरी की.

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लेकिन, दोनों ने महसूस किया कि भारत में ऑनलाइन पेमेंट्स सिस्टम बेहद जटिल और खराब स्थिति में है. तब उन्होंने 2014 में Razorpay की नींव रखी. एक ऐसा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म, जो बिजनेस और ग्राहकों के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को आसान बना सके.

हर्षिल माथुर ने अपने LinkedIn प्रोफाइल पर लिखा, "हमने Razorpay तब शुरू किया जब हमें भारत में ऑनलाइन पेमेंट्स की दयनीय स्थिति का एहसास हुआ."

कैसे Razorpay बना ₹8,643 करोड़ की कंपनी?
2014 में लॉन्च हुए Razorpay ने कुछ ही सालों में भारत के डिजिटल पेमेंट्स सेक्टर में अपनी पकड़ बना ली. 

5 बड़े कारण, क्यों Razorpay इतनी तेजी से बढ़ा 

  • स्मूथ डिजिटल पेमेंट्स- भारतीय बाजार में Razorpay ने बिजनेस के लिए बेहद आसान ऑनलाइन पेमेंट सॉल्यूशंस बनाए.
  • बड़े निवेशक मिले- कंपनी को Sequoia Capital, Tiger Global, GIC जैसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स से फंडिंग मिली.
  • ग्राहकों का भरोसा- Razorpay पर लाखों बिज़नेस, स्टार्टअप और कंपनियां ट्रांजेक्शन प्रोसेस करती हैं.
  • यूनिक प्रोडक्ट्स- सिर्फ पेमेंट्स नहीं, बल्कि Razorpay ने नियो-बैंकिंग और SME लोन जैसी सुविधाएं भी दीं.
  • बिलियन-डॉलर वैल्यूएशन- 2021 में कंपनी की वैल्यू $7.5 बिलियन (₹62,500 करोड़) तक पहुंच गई थी.

आज, Razorpay भारत के सबसे सफल फिनटेक स्टार्टअप्स में से एक है और शशांक-हर्षिल की मेहनत ने उन्हें अरबपति बना दिया है. 

भारत में अरबपतियों की संख्या 284 हुई, मुंबई सबसे आगे
भारत में अरबपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. 2022 में 249 अरबपति थे, जो 2023 में घटकर 187 हो गए थे. 2024 में फिर उछाल आया और 271 हो गए, अब 2025 में 284 अरबपति हो चुके हैं! मुंबई 90 अरबपतियों के साथ भारत की सबसे बड़ी अरबपति सिटी बनी हुई है. वहीं बेंगलुरु और पुणे, ये नए स्टार्टअप हब बन रहे हैं, जहां से Razorpay जैसी कंपनियां निकल रही हैं.

हुरुन इंडिया के फाउंडर अनस रहमान जुनैद के अनुसार "भारत के अरबपतियों की कुल संपत्ति $1 ट्रिलियन (₹98 लाख करोड़) के पार हो गई है, जो देश की जीडीपी का एक-तिहाई है!"

हालांकि, भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी को इस साल झटका लगा है. 2025 की हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट में वे टॉप 10 से बाहर हो गए हैं. उनकी संपत्ति ₹1 लाख करोड़ घट गई, जिसकी वजह बढ़ता कर्ज बताया जा रहा है.