
ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी फॉक्सकॉन ने वैश्विक व्यापार गतिशीलता में बदलाव के बीच भारत में अपने निवेश का विस्तार किया है. कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 276 करोड़ रुपये ($ 32.25 मिलियन) की मशीनरी खरीदी है. सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य भारत में iPhone मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है. यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत सहित कई देशों पर पारस्परिक टैरिफ की घोषणा करने से ठीक एक दिन पहले हुआ है. पारस्परिक टैरिफ 2 अप्रैल से प्रभावी होने वाला है.
भारत में iPhone उत्पादन दोगुना करना
फॉक्सकॉन कथित तौर पर भारत में iPhone उत्पादन दोगुना करने की दिशा में काम कर रही है. कहा जा रहा है कि कंपनी Apple की मैन्यूफैक्चरिंग को ज्यादा से ज्यादा चीन से बाहर लाना चाहती है. हालांकि, न तो फॉक्सकॉन और न ही Apple ने लेटेस्ट इंवेस्टमेंट पर कोई टिप्पणी की है.
इंपोर्ट ड्यूटी हटाने की मांग
इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने अमेरिका से मोबाइल फ़ोन पर 15 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी को हटाकर जीरो करने का प्रस्ताव दिया है. एसोसिएशन का तर्क है कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग में अमेरिका भारत का सीधा प्रतिस्पर्धी नहीं है, लेकिन भारत के लिए 80 बिलियन डॉलर का मोबाइल फ़ोन निर्यात बहुत से अवसर खोलता है.
भारत में होगा एयरपॉड्स का उत्पादन
आईफोन के अलावा, फॉक्सकॉन इस महीने हैदराबाद में एप्पल एयरपॉड्स का निर्माण शुरू करने जा रही है. एयरपॉड्स भारत में उत्पादित होने वाला दूसरा एप्पल उत्पाद होगा, जो टेक कंपनी के लिए एक प्रमुख मैन्यूफैक्चरिंग सेंटर के रूप में देश की स्थिति को मजबूत करेगा.