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Reciprocal Tariffs: क्या है रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी का क्लॉज़ 4, जिसके तहत भारत छूट मिलने की कर रहा उम्मीद, कितना है दोनों देशों के बीच कारोबार?

अमेरिका ने भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया है. लेकिन भारत आगे चलकर टैरिफ से छूट मिलने की उम्मीद कर रहा है. भारत रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी के क्लॉज 4 के तहत छूट की उम्मीद कर रहा है. इसमें कहा गया है कि जो भी देश अमेरिका के साथ कारोबार में निष्पक्षता लाने के साथ आर्थिक और सुरक्षा मामलों में सहयोग बढ़ाने के लिए कदम उठाते हैं, उनको टैरिफ में राहत दी जा सकती है.

Narendra Modi and Donald Trump Narendra Modi and Donald Trump

दुनियाभर में अमेरिका के टैरिफ लगाने की खूब चर्चा हो रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर भी 26 फीसदी टैरिफ लगाया है. हालांकि भारत सरकार इसे कोई झटका नहीं मान रही है. भारत टैरिफ में छूट मिलने की उम्मीद कर रहा है. भारत की उम्मीद का आधार रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी का एक क्लॉज है. चलिए आपको टैरिफ पॉलिसी के क्लॉज 4 के बारे में बताते हैं.

क्या है रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी का क्लॉज 4?
डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ पॉलिसी में क्लॉज 4 का एक विशेष प्रावधान है. इसके तहत जो देश अमेरिका के साथ व्यापारिक असंतुलन को सुधारने के लिए ठोक कदम उठाते हैं, उनको टैरिफ में छूट या राहत प्रदान करने की उम्मीद देता है. अगर कोई देश व्यापार घाटा, गैर-पारस्परिक व्यापार नीतियां या नेशनल सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर अमेरिका के मुताबिक कदम उठाता है तो अमेरिका टैरिफ कम करने या हटाने पर विचार कर सकता है.

भारत को क्यों है छूट की उम्मीद?
भारत क्लॉज 4 के सेक्शन C के तहत छूट की उम्मीद कर रहा है. इस सेक्शन में कहा गया है कि अगर कोई देश अमेरिका के साथ कारोबार में निष्पक्षता लाने के साथ आर्थिक और सुरक्षा मामलों में सहयोग बढ़ाने के लिए कदम उठाता है तो टैरिफ में राहत दी जा सकती है. भारत इस क्लॉज के इस सेक्शन के तहत छूट पाने की उम्मीद कर रहा है और अमेरिकी प्रशासन से इसको लेकर बातचीत कर रहा है. वैसे भी भारत का अमेरिका केसाथ द्विपक्षीय व्यापार संबंध बेहतर रहा है. दोनों देशों में सहयोग लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में इस क्लॉज के तहत छूट मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है.

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भारत और अमेरिका के बीच कारोबार-
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध बेहतर हैं. भारत ने वित्तवर्ष 2023-24 में अमेरिका को 77.5 बिलियन डॉलर मूल्य के सामानों का निर्यात किया. जबकि अमेरिका से भारत का आयात सिर्फ 6 फीसदी के आसपास रहता है. साल 2023 में भारत ने अमेरिका से 42.2 बिलियन डॉलर के सामान आयात किए.

भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले प्रमुख सामानों में टेक्सटाइल और परिधान, रत्न और आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स , ऑटोमोबाइल पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं. जबकि भारत अमेरिका से कच्चा तेल, मशीनरी, उच्च तकनीक वाले उत्पाद आयात करता है. इसके अलावा मोती, कीमती और अर्ध कीमती पत्थर और आभूषण, परमाणु रिएक्टर, बॉयलर, विमान और उनके पुर्जे, रक्षा उपकरण खरीदता है. जबकि दवाएं, दूरसंचार उपकरण, विद्युत मशीनरी, कपड़े और कॉटन फैब्रिक के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अमेरिका में बेचता है.

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