आज की ये खबर हम सब की जिंदगी से जुड़ी हुई है. आज इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस है. तो आज हम उस मुद्दे की चर्चा करेंगे. जिसे सबको जानना चाहिए. ताकि परिवार और समाज की जड़ों से जुड़े रहने की खुशी मिलती रहे. हम बात कर रहे हैं मातृभाषा की... जो ना सिर्फ अपने लोगों से जुड़े रहने का माध्यम है. बल्कि इस भाषा में मिली शिक्षा भी बेहतर होती है. यूनेस्को की एक रिपोर्ट में भी ये बात सामने आई है. इसलिए इसके बारे में खुद भी जानिए और लोगों को मातृभाषा के महत्व को बताने के लिए हॉर्न भी बजाइए.