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Deputy CM Mukesh Agnihotri: हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री का जानें कैसा रहा सियासी सफर ?

राजनीति में आने से पहले मुकेश अग्निहोत्री पत्रकारिता कर चुके हैं. दिल्ली में पत्रकारिता करते हुए मुकेश अग्निहोत्री की कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से नजदीकियां बढ़ीं. बाद में वह पूर्व सीएम स्व. वीरभद्र सिंह के करीबियों में शुमार रहे. यहीं से उन्होंने पत्रकारिता से राजनीति में कदम रखा.

डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री (फाइल फोटो) डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स
  • शिमला में 10 साल तक और दिल्ली में चार साल तक कर चुके हैं पत्रकारिता 

  • 2003 के विधानसभा चुनाव में पहली बार टिकट मिला और जीत गए

राजनीति में आने से पहले मुकेश अग्निहोत्री ने शिमला में 10 साल तक और दिल्ली में चार साल तक पत्रकारिता कर चुके हैं. दिल्ली में ही पत्रकारिता करते हुए मुकेश अग्निहोत्री की कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से नजदीकियां बढ़ीं. बाद में वह पूर्व सीएम स्व. वीरभद्र सिंह के करीबियों में शुमार रहे. यहीं से उन्होंने पत्रकारिता से राजनीति में कदम रखा. हालांकि साल 1998 के विधानसभा चुनाव में मुकेश के पिता ओंकार शर्मा को कांग्रेस पार्टी ने संतोषगढ़ क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया, लेकिन उन्हें भाजपा प्रत्याशी पंडित जयकिशन शर्मा से हार का सामना करना पड़ा.

इसके बाद साल 2003 के विधानसभा चुनाव में ओंकार चंद शर्मा को टिकट देने की बजाए मुकेश अग्निहोत्री को कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी बनाया. मुकेश पहली बार ही चुनाव जीते और वीरभद्र सरकार में सीपीएस रहे. वर्ष 2007 में भी उन्होंने संतोषगढ़ विस क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. वर्ष 2012 में डिलिमिटेशन होने के कारण संतोषगढ़ ऊना विस क्षेत्र में चला गया. जबकि हरोली विधानसभा क्षेत्र का उदय हुआ. तीसरी दफा मुकेश ने हरोली क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीते. 2012 में वीरभद्र सरकार में उद्योग मंत्री रहे.साल 2017 में उन्होंने लगातार चौथी दर्ज की, लेकिन सरकार भाजपा की बनी.

2018 में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया
2018 में मुकेश अग्निहोत्री को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया. मुकेश ने चार साल में जयराम सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला. वर्ष 2022 के विस चुनाव में उन्हें पार्टी हाईकमान ने स्टार प्रचारक बनाया. प्रदेशभर में उन्होंने प्रत्याशियों के लिए दर्जनों रैलियां की. लगातार पांच बार जीतने के बाद वह सीएम पद की दौड़ में शामिल हो गए, लेकिन हाईकमान ने उन्हें उपमुख्यमंत्री पद से नवाजा.

प्रारंभिक शिक्षा ऊना जिले में हुई
मुकेश अग्निहोत्री का जन्म पंजाब के संगरूर में 9 अक्तूबर 1962 को डीपीआरओ रहे ओंकार चंद शर्मा के घर हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा ऊना जिले में ही हुई. उनके बड़े भाई चिकित्सक डॉ. राकेश अग्निहोत्री हैं. जबकि उनकी तीन बहनें हैं. विदेश में पढ़ाई कर चुकी उनकी बेटी आस्था अग्निहोत्री पीएचडी कर रही हैं. जबकि पत्नी सिम्मी अग्निहोत्री प्रोफेसर हैं. अग्निहोत्री का ससुराल मंडी शहर में है.मुकेश अग्निहोत्री ने गणित विषय में एमएससी की डिग्री ली. फिर बाद में पब्लिक रिलेशन विषय में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया और पत्रकार बन गए.