
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में रैपर हनुमानकाइंड का जिक्र किया है. पीएम मोदी ने हनुमानकाइंड को उनके गाने 'रन इट अप' से भारत की पारंपरिक संस्कृति को दुनिया में बढ़ावा देने के लिए सराहा. आपको बता दें कि हनुमानकाइंड के गाने में कलारी-पयट्टू, गटका और थांग-ता जैसे भारतीय पारंपरिक मार्शल आर्ट को शामिल किया गया है. चलिए आपको बताते हैं कि हनुमानकाइंड कौन हैं? उनका असली नाम क्या है?
पीएम मोदी ने किया हनुमानकाइंड का जिक्र-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 120वें एपिसोड में रैपर हनुमानकाइंड का जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के खेल अब लोगों की पसंद बन रहे हैं. रैपर हनुमानकाइंड का नया गाना 'रन इट अप' आजकल बहुत फेमस हो रहा है. पीएम मोदी ने बताया कि इसमें कलारी-पयट्टू, गटका और थांग-ता जैसे पारंपरिक मार्शल आर्ट को शामिल किया गया है. मैं हनुमानकाइंड को बधाई देता हूं कि उनके प्रयासों से दुनिया के लोग हमारी पारंपरिक मार्शल आर्ट के बारे में जान रहे हैं.
कौन हैं हनुमानकाइंड-
हनुमानकाइंड एक रैपर हैं. उनका गाना काफी पॉपुलर हो रहा है. हनुमानकाइंड का जन्म 17 अक्टूबर 1992 को केरल के मलप्पुरम में हुआ था. उनके पिता ऑयल इंडस्ट्री में नौकरी करते थे और उनका काम अलग-अलग देशों में होता था. इसकी वजह से हनुमानकाइंड की पढ़ाई-लिखाई कई देशों में हुआ. वो सऊदी अरब, नाइजीरिया, दुबई, इटली जैसे देशों में रहे. हनुमानकाइंड ने हॉस्टन कम्यूनिटी कॉलेज से पूरी की थी. हालांकि इसके बाद साल 2012 में वो भारत आ गए. उनकी आगे की पढ़ाई भारत में हुई. उन्होंने कोयम्बटूर में पीएसजी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस से उन्होंने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की.
15 साल की उम्र में शुरू किया गाना-
हनुमानकाइंड जब 15 साल के थे, तब उन्होंने अपने दोस्तों के साथ रैप करना शुरू किया था. अब वो काफी पॉपुलर हैं. साल 2019 में हनुमानकाइंड ने 'डेली डोज' नाम का एल्बम लॉन्च किया था. इसके बाद 'बिग डॉग्स' से वो काफी पॉपुलर हो गए. अब उनका गाना 'रन इट अप' खूब फेमस हो रहा है.
कैसे पड़ा हनुमानकाइंड नाम?
हनुमानकाइंड का असली नाम सूरज चेरुकट है. लेकिन रैप की दुनिया वो हनुमानकाइंड के नाम से मशहूर हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनका नाम कैसे पड़ा? उन्होंने बताया कि वो हनुमान और अंग्रेजी शब्द मैनकाइंड को जोड़कर अपना नाम रखा था. उन्होंने बताया था कि हनुमान एक ऐसा नाम है, जिसे भारत में हर कोई जानता है और इंसानियत दुनिया में सबके लिए बराबर है. मुझे लगा कि मेरा स्टेज नेम इन दोनों शब्दों से मिलकर बनना चाहिए.
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