
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर में माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के नए विस्तार भवन माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखी. इस समारोह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे. 2014 में स्थापित यह केंद्र नागपुर में स्थित एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी आई मेडिकल फैसिलिटी है और इसकी स्थापना दिवंगत आरएसएस प्रमुख माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उर्फ गुरुजी की स्मृति में की गई थी.
इस प्रोजेक्ट में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और विश्व स्तरीय आई केयर सर्विसेज प्रदान करना है.
आई केयर सर्विसेज को किफायती बना रहा है यह अस्पताल
माधव नेत्रालय नागपुर में एक अग्रणी नेत्र अस्पताल के रूप में तेजी से उभरा है. सिर्फ तीन सालों में ही इस अस्पताल ने अपना नाम बना लिया है. यह अस्पताल नागपुर और पूरे मध्य भारत के रोगियों को सर्विसेज देता है. इस अस्पताल का 'सेवा मॉडल' बहुत अलग है. यह एक अनूठी पहल है जिसके तहत लोगों को एक-दूसरे के लिए दान करने के लिए प्रेरित करते हैं जिससे अस्पताल ने हजारों रोगियों को कम से कम या बिना किसी लागत के इलाज मुहैया कराया है.
बताया जा रहा है कि जनवरी 2019 से जनवरी 2024 तक, इस अस्पताल ने SAKSHAM के सहयोग से 32 निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किए, 3,175 से ज्यादा रोगियों की जांच की और ज़रूरतमंदों को जरूरी ट्रीटमेंट दिया है. अत्याधुनिक तकनीक से लैस, अस्पताल उन्नत आई केयर सर्विसेज प्रदान करता है. यह मध्य भारत का एकमात्र अस्पताल बन है जो फेम्टो-सेकंड लेजर मशीन का उपयोग करके लेजर मोतियाबिंद और LASIK सर्जरी करता है.