

अहमदाबाद के वस्त्राल में रहने वाले 22 वर्षीय युवक को हेलमेट नहीं पहनने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तरफ से 10 लाख 500 रुपये का चालान काटा गया है. चालान की रकम देखकर परेशान युवक और उसका परिवार चालान में सुधार करवाने और नियम के मुताबिक दंड की रकम करवाने के लिए कोर्ट और पुलिस के चक्कर काटने पर मजबूर हैं.
500 का चालान 10,00,500 रुपये में बदला
22 साल के अनिल हड़िया, नरोड़ा स्थित लो कॉलेज में पढ़ाई करते हैं. घर खर्च के लिए अपने मकान से कुछ दूरी पर पान का गल्ला चलाते हैं. अनिल का कहना है कि 11 अप्रैल 2024 को शाम के वक्त एक्टिवा लेकर जब वह शांतिपुरा चौकड़ी से अपने पान के गल्ले पर कुछ सामान लेकर जा रहे थे उस समय ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोका और ड्राइविंग लाइसेंस मांगा. जरूरी जांच करके ट्राफिक पुलिस ने उन्हें जाने को कहा. लेकिन जब वे अपनी दुकान पर पहुंचे तो उन्हें 500 रुपये फाइन का मैसेज रिसीव हुआ. अनिल ट्रैफिक पुलिस के पास गए और उनसे कहा कि मुझे कुछ भी कहे बगैर आपने मेरा चालान काटा है. अगर चालान करना ही था तो उसी समय करते. मुझे चालान की रकम ऑनलाइन भरने के लिए कहा गया.
कोर्ट के चक्कर काट रहा युवक
अनिल हड़िया पिछले 11 महीने में चालान की रकम में सुधार के लिए कोर्ट और पुलिस के चक्कर काट रहे हैं. कोर्ट के कर्मियों ने भी मुझे इस चालान को रद्द करवाने के लिए पुलिस का संपर्क करने के लिए कहा है. नियमों के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने मुझे चालान रद्द करवाने के लिए ईमेल करने के लिए कहा है. चालान रद्द हो इस उम्मीद के साथ ईमेल कर चुका हूं.
अनिल के पिता कालू हड़िया कपड़े का बिजनेस करते हैं. उनका कहना है कि बेटे ने हेलमेट नहीं पहना था तो नियम के मुताबिक 500 रुपये दंड होना चाहिए जो हम उसी समय भरने के लिए तैयार थे लेकिन यह चालान कटने के बाद जब हमें पता चला कि ट्रैफिक पुलिस ने हेलमेट नहीं पहनने पर 10,00,500 रुपये का चालान किया है. उसके बाद से ही हम कोर्ट और पुलिस के चक्कर काट रहे हैं.
हेलमेट नहीं पहनने पर मिला 10,00,500 रुपये का चालान
अनिल कहते हैं कि एक्टिवा मेरे पिता कालू हड़िया के नाम से है. पिता ने एक्टिवा लोन पर लिया था. लोन की भरपाई पूरी हो चुकी है और वो गाड़ी अपने नाम पर ट्रांसफर कराने जा रहे हैं तो इस 10,00,500 रुपये के चालान की वजह से ट्रांसफर का प्रोसेस नहीं हो पा रहा है. अनिल ने कहा, ट्रैफिक पुलिस ने जो 10,00,500 रुपये का चालान भेजा है, उतने में तो 10 नई एक्टिवा खरीदी जा सकती है. अनिल ने कहा, जब वह अपने पिता को लेकर पुलिस कमिश्नर ऑफिस गए तो वहां ई चालान विभाग के पुलिसकर्मियों से उनकी मुलाकात हुई. जिन्होंने ने कहा कि हेलमेट नहीं पहनने का दंड इतना अधिक नहीं आना चाहिए लेकिन अब जब चालान जनरेट हुआ है तो इसकी जांच करनी पड़ेगी कि ऐसा कैसे हुआ.