
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पानी के टैंकरों पर निर्भर राजगीर, गया और बोधगया जैसे शहरों में जल संकट को हल करने के लिए एक विशेष परियोजना लेकर आए हैं. बिहार सरकार इस संकट को हल करने के लिए गंगा के पानी का इस्तेमाल कर रही है. दक्षिण बिहार में पानी की कमी के मुद्दे को हल करने के लिए नीतीश कुमार राजगीर से अपने ड्रीम प्रोजेक्ट - "हर घर गंगा जल" का शुभारंभ कर दिया है.
यह परियोजना गया, बोधगया और राजगीर जैसे शहरों के 89,000 परिवारों को कवर करेगी. सीएम नीतीश कुमार ने रविवार को राजगीर में गंगा आरती करने के बाद इ योजना की शुरुआत की.
क्या है मुख्यमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट
आपको बता दें कि साल 2019 में सीएम नीतीश की अध्यक्षता में गया में कैबिनेट की विशेष बैठक करके इस गंगाजल आपूर्ति परियोजना को मंजूरी दी गई. जिसके अंतर्गत 'हर घर गंगाजल' योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत, दक्षिण बिहार के जल संकट वाले शहरों में गंगा नदी के बचे जल को पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.
यह देश में पहली बार है जब गंगा नदी के बाढ़ के पानी को पेयजल के रूप में परिवर्तित कर 7.5 लाख लोगों की प्यास बुझाई जा रही है. राजगीर के बाद, 28 नवंबर को गया और बोधगया में इस योजना की शुरुआत की जाएगी. यह इस योजना का पहला चरण है. दूसरा चरण 2023 में शुरू होगा और नवादा जिले को भी कवर करेगा.
हर घर को मिलेगा 135 लीटर पानी
इस योजना के अंतर्गत, इन शहरों में हर घर को प्रतिदिन 135 लीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा. यह परियोजना का मुख्य लक्ष्य दक्षिण बिहार के सूखे क्षेत्रों को कवर करना है. टूरिज्म की सुविधा के लिए होटलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों को भी इस योजना के तहत पानी मिलेगा.
इस परियोजना की मदद से गंगा नदी का पानी गया, बोधगया और राजगीर जैसे शहरों में 151 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए पहुंचाया जाएगा. इसके बाद गंगा के पानी को इन शहरों में अलग-अलग घरों तक पहुंचने से पहले ट्रीट किया जाएगा. आने वाले भविष्य में इस परियोजना से लगभग 25 लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा.