
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर बहस हो रही है. इस दौरान सदन में हंसी-ठिठोली का का दौरान आया. जब अखिलेश यादव और अमित शाह मुस्कुरा कर एक-दूसरे पर तंज कसते नजर आए. अखिलेश यादव ने पूछा कि बीजेपी अब तक अपना अध्यक्ष नहीं चुन पाई. इसपर अमित शाह ने कहा कि अखिलेश यादव अलगे 25 साल तक अध्यक्ष रहेंगे. इसपर पूरा सदन खिलखिला उठा.
अखिलेश का सवाल, शाह का जवाब-
वक्फ संशोधन बिल पर बहस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि जो पार्टी ये कहती हो कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हो. वो पार्टी अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पा रही है. इसपर अमित शाह ने कहा कि सामने जितनी भी पार्टियां हैं, उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष 5 लोगों को चुनना है, परिवार को चुनना है. उन्होंने कहा कि हमें करोड़ों लोगों से रायशुमारी करके चुनना है तो वक्त लगता है. आपके यहां जरा भी दे नहीं लगेगी. मैं कह देता हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष हो, जाओ.
अमित शाह के जवाब पर अखिलेश यादव ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जो बात निकलकर आई है, उसे फिर आगे बढ़ा दूं. जो बात सोशल मीडिया या और जगह गुपचुप गुपचुप हो रही है, कहीं ऐसा तो नहीं था कि कुछ दिन पहले जो यात्रा हुई है, वो कहीं 75 साल वाली एक्सटेंशन वाली यात्रा तो नहीं थी?
अखिलेश यादव ने नोटबंदी को बताया नाकामी-
अखिलेश यादव ने नोटबंदी की नाकामी का सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि नोटबंदी की नाकामी के बारे में भी चर्चा हो जाए, अभी भी कई जगहों पर कितना रुपया निकल कर आ रहा है. नाकामी बेरोजगारी के लिए, नाकामी किसानों की आय के लिए की भी बात होनी चाहिए. अखिलेश यादव ने कहा कि क्या गंगा साफ हो गई? यमुना साफ हो गई? स्मार्ट सिटी बन गई?
अखिलेश ने सुनाया किस्सा-
अखिलेश यादव ने कहा कि एक बार अयोध्या में एक कार्यक्रम था. उसमें बड़ी तैयारी की गई थी. कलाकार मुंबई से बुलाए गए थे. भगवान श्रीराम बनकर कोई आ गया, लक्ष्मण बनकर कोई आ गया, मां सीता बनकर कोई आ गया, हनुमान बनकर कोई आ गया. लेकिन जब लखनऊ से वो हेलिकॉप्टर उड़ा और अयोध्या पहुंचा तो उसमें सब लोग थे, लेकिन हनुमान नहीं थे. अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी वाले जानकारी करें कि आखिर हनुमान क्यों नहीं थे? हनुमान इसलिए नहीं थे, शायद उनकी जाति-धर्म कुछ और थी.
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