
पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली नाबालिग लड़की को सुरक्षा देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने लड़की की सुरक्षा मांगने वाली याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि नाबालिग को किसी भी लिव इन रिलेशन में सुरक्षा देने का सवाल ही नहीं उठता. कोर्ट ने कहा कि अदालतों को ऐसे मामलों में सावधानी बरतनी होगी, ताकि लिव इन रिलेशनशिप को अप्रत्यक्ष स्वीकृति ना मिले.
नाबालिग को लिव इन में सुरक्षा देने से इनकार-
पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाली नाबालिग लड़की को सुरक्षा देने से इनकार कर दिया. जस्टिस सुमित गोयल ने फैसला दिया कि लड़की की उम्र 17 साल 7 महीने है. ऐसे में नाबालिग को किसी भी लिव इन रिलेशन में सुरक्षा देने का सवाल ही नहीं उठता. अदालतों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए, जहां नाबालिग का कल्याण सर्वोपरि होना चाहिए. हाई कोर्ट ने कहा कि अगर नाबालिग को सुरक्षा दी जाती है तो यह अप्रत्यक्ष तौर से नाबालिगों के लिव इन रिलेशनशिप को मंजूरी देने जैसा होगा.
बालिगों के लिए लिव इन रिलेशन को मान्यता-
हाई कोर्ट ने कहा कि भारत में बालिग के लिए लिव इन रिलेशनशिप के कॉन्सेप्ट को सामाजिक और कानूनी मान्यता प्राप्त हो गई है, हालांकि जब कोई नाबालिग शामिल होता है तो कानूनी ढांचा अपना पूरा ध्यान बच्चे के कल्याण की सुरक्षा पर केंद्रित कर देता है. जस्टिस गोयल ने कहा कि न्यायापालिका का संवैधानिक कर्तव्य है कि वह नाबालिगों के अधिकारों को बनाए रखे और उनको ऐसी परिस्थितियों से बचाए, जो उनकी सुरक्षा, संरक्षा और भविष्य से समझौता कर सकती हैं.
कोर्ट ने अधिकारियों को नाबालिग लड़की की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में इस कपल को कानूनी सुरक्षा देने से इनकार कर दिया.
क्या है पूरा मामला-
यह मामला एक युवक और एक नाबालिग लड़की से जुड़ा है. नाबालिग लड़की ने हाई कोर्ट याचिका दायर की थी. लड़की ने खुद को खतरा बताया था और सुरक्षा की मांग की थी. नाबालिग लड़की ने अपने पार्टनर के साथ रहने की इच्छा जताई थी और तर्क दिया का उनका संबंध सहमति से था और इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित किया जाना चाहिए, जिसमें जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का जिक्र है. इस याचिका पर हाई कोर्ट ने 27 मार्च को फैसला सुनाया और नाबालिग लड़की को लिव इन रिलेशन में सुरक्षा देने से इनकार कर दिया.
ये भी पढ़ें: