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देश में फैले ड्रग माफिया पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, कहा- 3 हफ्तों में मैकेनिज्म तैयार करे केंद्र सरकार

सु्प्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि वो तीन हफ्ते के अंदर ड्रग माफियों से निपटने के लिए मैकेनिज्म तैयार करे. दरअसल सरकार को ये बताया कि देश में जगह-जगह ड्रग जब्त करने के बाद भी देश में युवाओं को बड़ी आसानी से ड्रग मिल रहा है.

ड्रग ड्रग
हाइलाइट्स
  • जस्टिस रमना को मिली थी चिट्ठी

  • अदालत ने मामले में लिया खुद किया हस्तक्षेप

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में फैले ड्रग माफिया पर चिंता जताई है. कोर्ट ने ये चिंता तब जताई जब उसे यह बताया गया कि युवाओं को नशीले पदार्थ बड़ी ही आसानी से मिल जाते हैं. आज तक हजारों करोड़ का ड्रग जब्त किया जा चुका है, लेकिन इससे भी कोई असर नहीं पड़ा है. 
देश में सक्रिय ड्रग माफिया नेटवर्क के बढ़ते जाल पर प्रकाश डालते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र को निर्देश दिया कि वह तीन सप्ताह के अंदर इस खतरे से निपटने के लिए एक तंत्र तैयार करें. अब दिसंबर में इस मामले की अगली सुनवाई हो सकती है. 

जस्टिस रमना को मिली थी चिट्ठी
बता दें कि 26 सितंबर को पहली सुनवाई हुई थी, उस दिन चीफ जस्टिस उदय ललित ने बताया था कि इस विषय पर संज्ञान पिछले चीफ जस्टिस एन. वी. रमना ने लिया था. दरअसल उनको इस इस समस्या का उल्लेख करते हुए एक चिट्ठी मिली थी. जिसके बाद उन्होंने इस मसले को एक PIL की तरह देखने का निर्णय लिया था. 

अदालत ने मामले में लिया खुद किया हस्तक्षेप
मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी को नोटिस जारी कर अपनी सहायता करने के लिए कहा था. साथ ही वकील शोएब आलम को भी एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया था. अदालत ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू की, जब यह ध्यान में आया कि पिछले साल गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से हजारों करोड़ रुपये की बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त किए गए थे. 

पिछले साल गुजरात पर मिला था ड्रग
गौरतलब है कि राजस्व खुफिया निदेशालय ने पिछले साल 13 सितंबर को बंदरगाह पर 2,988 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी. कंधार, अफगानिस्तान से समुद्री मार्ग का उपयोग करके देश में खेप की तस्करी की गई थी. पीठ ने एएसजी से कहा, "नशीली दवाओं का खतरा समाज को जकड़ रहा है. हमें कुछ मॉड्यूल, विचारों के बारे में सोचने की जरूरत है, जो एक आदेश के रूप में काम कर सकते हैं, जिसे हम पूरी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पारित कर सकते हैं."