
दिल्ली में अभी कुछ दिन पहले ही नई सरकार बनी है. तमाम मंत्री अपने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ शुरुआती मीटिंग कर रहे हैं. मीटिंग करने का उद्देश्य यह भी है कि आने वाले समय में दिल्ली जिन चुनौतियों से दो-चार होगी उन पर विशेष तौर पर ध्यान कैसे दिया जाए. ऐसी ही एक मीटिंग में बड़ा रोचक वाकया सामने आया.
जल भराव और टूटी सड़कों पर हुई मीटिंग
आने वाले समय में दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानसून के वक्त सड़कों पर जल भराव होने वाला है. कई सारे इलाकों में सड़के भी टूटी पड़ी हैं. इन्हीं सभी का जायजा लेने के लिए दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक मीटिंग बुलाई.
मीटिंग में विभाग से जुड़े सभी बड़े अधिकारी और इंजीनियर मौजूद थे. बात इस पर शुरू हुई कि अगर एक आम दिल्ली वाला कोई शिकायत करना चाहता है तो उसके सामने विकल्प क्या हैं.
फिर शुरू हुआ हेल्पलाइन नंबर टेस्ट
जाहिर सी बात है की सबसे आसान तरीका विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने का होता है. इसलिए लगे हाथों मंत्री साहब ने मीटिंग के दौरान मौजूद अधिकारियों से उन्हीं के डिपार्टमेंट का हेल्पलाइन नंबर पूछ लिया. चौंकाने वाला पहलू यह था कि वहां मौजूद किसी भी इंजीनियर और अधिकारी को अपनी ही विभाग का 10 नंबर वाला नंबर याद नहीं था.
दरअसल इस समय पीडब्ल्यूडी का हेल्पलाइन नंबर 1800 110093 है. यह डिपार्टमेंट के लिए शर्मिंदगी वाली स्थिति जरूर हो लेकिन मंत्री ने 10 नंबर वाले हेल्पलाइन नंबर पर ही सवाल खड़ा कर दिया.
अब होगा 4 अंकों वाला हेल्पलाइन
जब हेल्पलाइन को लेकर पेंच फंसा तो मंत्री प्रवेश वर्मा ने सीधे केंद्र सरकार को लाइन पर ले लिया और हेल्प मांग ली. केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय को मंत्री महोदय ने चिट्ठी लिखी और एक नया चार अंकों वाला हेल्पलाइन नंबर देने की गुजारिश कर दी.
मंत्रालय से जवाब भी आ गया है और दिल्ली सरकार को 10 विकल्प भी दे दिए गए हैं. अब जल्द ही इन 10 विकल्पों में से एक को चुनकर दिल्ली को पीडब्ल्यूडी विभाग का नया हेल्पलाइन नंबर मिल जाएगा. इसके बाद इलाके में चाहे टूटी सड़कों की समस्या हो या फिर जल भराव से लेकर कूड़ा ना उठने की शिकायत आम लोग इसका इस्तेमाल कर पाएंगे.