
दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर दिल्ली सरकार जल्द ही कार-वॉश साबुन और डिटर्जेंट पर प्रतिबंध लगाने जा रही है. इसके लिए दिल्ली सरकार पहले जागरूकता अभियान चलाएगी, फिर सख्ती से इस फैसले को लागू किया जाएगा. दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि यमुना को साफ करने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी, ताकि यमुना को साफ किया जा सके.
क्या है सरकार का प्लान
जल मंत्री परवेश वर्मा बताया कि कार वॉश प्रतिबंध से दिल्लीवालो को परेशानी होगी, उसको दूर करने के लिए सरकार जर्मनी की तर्ज पर दिल्ली में कुछ स्थानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से लैस कार-वॉश सेंटर खोलने की योजना पर काम कर रही है. यहां लोग 100 से 150 रुपए का शुल्क देकर अपनी कारें धुलवा सकेगें. इससे सरकार को रेवेन्यू भी जरनेट होगा और इन कार वॉश सेंटर के गंदे पानी को मौके पर ही साफ किया जाएगा. वहां एसटीपी प्लांट लगाया जाएगा.
यमुना को क्या होता है नुकसान
दरअसल, दिल्ली सरकार का इस प्रतिबंध के पीछे मानना है कि कार-वॉश के दौरान इस्तेमाल होने वाले डिटर्जेंट और साबुन में मौजूद फॉस्फेट्स, सर्फेक्टेंट्स और अन्य हानिकारक रसायन नालों के जरिए यमुना नदी में पहुंच जाते हैं. ये रसायन नदी में यूट्रोफिकेशन को बढ़ा देते हैं. यमुना नदी को काफी नुकसान होता है और अक्सर यमुना में सफेद रंग के झाग नजर आते है. इससे पानी की गुणवत्ता खराब भी होती है.
एक्सपर्ट्स की माने तो गाड़ियों की वाशिंग पक्की सतह पर धोई जाती है. धुलाई में इस्तेमाल होने वाला साबुन और कार की धुलाई के दौरान निकलने वाला ग्रीस, तेल और गंदगी यह सब पानी के साथ मिलकर ड्रेन में सीधे चले जाते है. और अक्सर शहरों में देखा गया है कि ये ड्रेन नदियों में जाकर के मिलते हैं. जिससे नदियों को बड़ा नुकसान होता है.
जगरूकता अभियान चलाएगी सरकार
दिल्ली सरकार यमुना को साफ करने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाने का प्लान बना रही है. जिसमें लोगों को बताया जाएगा कि कार-वॉश उत्पादों का यमुना की सेहत पर क्या असर पड़ता है. इसके बाद प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाएगा.
सीसीटीवी से होगी निगरानी
इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, ताकि अवैध कार वॉशिंग पर नजर रखी जा सके. नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. परवेश वर्मा ने बताया की सरकार डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाएगी, जो यमुना की ऐतिहासिक विरासत और उसके स्वच्छ अतीत को दिखाकर लोगों को जागरूक करेंगी.
(सुशांत मेहरा की रिपोर्ट)