दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में पांच साल बाद आदिरंग महोत्सव का आयोजन किया गया. इस तीन दिवसीय उत्सव में देश के विभिन्न आदिवासी समुदायों की कला, संस्कृति और परंपराओं को नृत्य, संगीत, थिएटर और हस्तशिल्प के माध्यम से प्रदर्शित किया गया. 300 से अधिक कलाकारों ने इसमें भाग लिया और अपनी प्रस्तुतियाँ दीं. महोत्सव का उद्देश्य जनजातीय कला और संस्कृति को मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी विरासत को संरक्षित करना है.