लोकसभा में वक्त संशोधन विधेयक पर चर्चा के बाद वोटिंग होगी। बहुमत मिलने पर राज्यसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा में एनडीए के पास 293 सांसदों का समर्थन है, जबकि बहुमत के लिए 271 वोट चाहिए। राज्यसभा में भी सरकार को बहुमत मिलने की उम्मीद है। दोनों सदनों से पारित होने के बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से यह कानून बन जाएगा।