
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के चंडौस कस्बे में रहने वाले सफाईकर्मी करन कुमार वाल्मीकि को आयकर विभाग की तरफ से 33.88 करोड़ का टैक्स चुकाने के लिए नोटिस मिला है. हैरानी की बात तो ये है कि करन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चंडौस शाखा में सफाईकर्मी का काम करते हैं. उनका मासिक वेतन 15 हजार रुपये है.
एफआईआर दर्ज कराने में विफल करन
करोड़ों का नोटिस मिलने के बाद करन भागते-भागते आयकर विभाग के कार्यालय पहुंचे और आपबीती सुनाई. इसके बाद किसी गड़बड़ी की आशंका को मानते हुए इनकम टैक्स विभाग ने करन से एफआईआर दर्ज कराने को कहा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट करन के हवाले से कहती है, "ये नोटिस 29 तारीख (मार्च) की शाम को 4:00 बजे आया. इसमें रकम 33 करोड़ 88 लाख 85 हजार 368 रुपए है. मुझे इसका जवाब 31 तारीख को जल्द से जल्द पोर्टल पर देना है. जब हम 31 तारीख को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट गए तो हमारी मुलाकात नैन सिंह सर से हुई. उन्होंने हमें एफआईआर दर्ज करवाने को कहा."
आयकर विभाग के कहने पर करन एफआईआर दर्ज करवाने पुलिस स्टेशन गए. हालांकि उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई. उन्होंने कहा, "अब मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि क्या होने वाला है. ना तो हमें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से कोई राहत मिली और ना ही पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई राहत मिली है."
सदमे में करन का परिवार
नोटिस मिलने के बाद करन का परिवार सदमे में है. उन्हें समझ नहीं आ रहा कि यह क्यों और कैसे हो गया. करन के पिता सूरजपाल सिंह वाल्मीकि कहते हैं, "मेरा बेटा एसबीआई की खैर शाखा में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करता है. यह एक प्राइवेट नौकरी है. उसकी सैलरी करीब 15,000 रुपए है. उसका नाम करन है और उसने 2021 में वहां काम करना शुरू किया था."
वह कहते हैं, "मुझे समझ नहीं आ रहा है कि क्या हुआ. मुझे नहीं पता कि उसका पैन कार्ड कैसे पहुंचा, कहां गया या किसके जरिए गया. हम इस बारे में कुछ नहीं कह सकते क्योंकि हमें नहीं पता और यह पहला नोटिस है जो हमें शनिवार की शाम को मिला."
अदालत जाने को तैयार परिवार
करन को अब डर है कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. वह कहते हैं कि वह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए भी तैयार हैं. हैरान करने वाली बात है कि यह हाल फिलहाल में अलीगढ़ जिले की तीसरी ऐसी घटना है. कुछ दिन पहले एक जूस विक्रेता को 7.54 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला था. जूस विक्रेता से पहले ताला बनाने वाले कारीगर को भी 11 करोड़ रुपये को नोटिस मिला था.
आयकर विभाग के अधिकारियों को शक है कि उनके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया होगा जिसकी वजह से ये अजीबोगरीब वाकये सामने आए.