
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच औरैया पुलिस ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है. साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से 15 लोगों के 7 लाख रुपये से अधिक की ठगी को वापस कराया गया. ठगे गए लोगों के खातों में पैसे लौटने के बाद उनके चेहरे पर खुशी देखने लायक थी. पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक और उनकी टीम का आभार जताया.
साइबर ठगी का बढ़ता जाल, लेकिन अब बढ़ी पुलिस की सख्ती
डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के साथ साइबर अपराधियों का नेटवर्क भी तेजी से फैल रहा है. आए दिन ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं. इस खतरे को देखते हुए पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी कई लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं.
औरैया साइबर पुलिस की सक्रियता और उनके त्वरित एक्शन के कारण हाल ही में कई लोगों को उनका खोया हुआ पैसा वापस मिला. पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के नेतृत्व में साइबर टीम ने इन मामलों की गंभीरता को समझते हुए ठगी करने वाले गिरोह पर पैनी नजर रखी और ठगे गए लोगों का पैसा रिकवर कराने में सफलता हासिल की.
कैसे हुआ 7 लाख रुपये से अधिक की रकम का रिकवरी ऑपरेशन?
पिछले कुछ महीनों में औरैया जिले में 15 लोग साइबर ठगी का शिकार हुए थे. इन लोगों ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खातों से पैसे निकाले गए हैं या फिर उन्हें किसी लालच में फंसाकर धोखाधड़ी की गई है.
शिकायत मिलते ही साइबर पुलिस हरकत में आई और विभिन्न बैंकिंग सिस्टम, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए ठगों को ट्रेस करना शुरू किया. इसके बाद साइबर पुलिस ने संबंधित बैंक और डिजिटल पेमेंट गेटवे से संपर्क कर फंड्स को ट्रैक किया और अंततः 7 लाख रुपये से अधिक की रकम को रिकवर करा लिया.
पैसा वापस पाकर खुशी से झूम उठे लोग
जब ठगी के शिकार लोगों को उनके पैसे वापस मिले, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. किसी ने यह रकम अपनी बेटी की शादी के लिए बचा रखी थी, तो कोई घर के जरूरी खर्चों के लिए इस पैसे पर निर्भर था. पुलिस की इस कामयाबी पर लोगों ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर और उनकी साइबर टीम का तहे दिल से धन्यवाद दिया.
औरैया साइबर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल ठगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया, बल्कि पीड़ितों का विश्वास भी बहाल किया. यह मामला दिखाता है कि अगर सही समय पर पुलिस कार्रवाई की जाए, तो साइबर ठगों से पैसे वापस पाना मुश्किल नहीं है. पुलिस की इस सफलता ने एक बार फिर साबित किया कि तकनीक के इस युग में केवल ठग ही नहीं, बल्कि सतर्क प्रशासन भी डिजिटल तरीकों से लोगों की रक्षा कर सकता है.
(सूर्य शर्मा की रिपोर्ट)