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Farmer Success Story: गुजरात का एक किसान 8 एकड़ खेत में खीरे उगाकर कमा रहा लाखों रुपए, आप भी इस तकनीक से खेती करके कर सकते हैं बंपर कमाई  

Cucumber Farming: खीरा बहुत जल्दी तैयार होने वाली फसल है. इसकी बुवाई के दो महीने बाद ही इसमें फल लगना चालू हो जाता है. इसकी खेती कर किसान लाखों रुपए हर साल कमा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे?

Cucumber Farming Cucumber Farming
हाइलाइट्स
  • खीरे की खेती के लिए बलुई और दोमट मिट्टी मानी जाती है अच्छी 

  • गर्मी के मौसम में खीरे की खूब होती है बिक्री 

खेती से भी लाखों रुपए कमाए जा सकते हैं. आज हम आपको गुजरात के एक ऐसे किसान की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने गेहूं-धान जैसी पारंपरिक खेती को छोड़कर खीरे की खेती शुरू की. इससे उन्हें अच्छा-खासा मुनाफा हो रहा है. हर साल हजारों में नहीं बल्कि लाखों में कमाई कर रहे हैं.  

खीरे की खेती से चमकी किस्मत
किसान घनश्यामभाई बाबूभाई राखोलिया गुजरात के अमरेली जिले स्थित मोटा भंडारिया गांव के रहने वाले हैं. वह खेती में नए प्रयोग करते रहते हैं. फसलों की अदला-बदली करते रहते हैं, जिससे बाजार में फसलों के अच्छे दाम मिल रहे हैं. घनश्यामभाई बाबूभाई राखोलिया 10वीं क्लास तक पढ़े हुए हैं. उन्होंने पास 50 एकड़ जमीन दूसरे किसानों से पैसे देकर ली है. इस जमीन में से सिर्फ 8 एकड़ पर वह खीरे की खेती करते हैं और जमीन पर दूसरी फसलों को उगाते हैं. घनश्यामभाई बताते हैं कि सिर्फ खीरे की खेती से उन्हें 7 से 8 लाख रुपए की आमदनी होती है. 

होता है इतना मुनाफा
घनश्यामभाई बाबूभाई राखोलिया ने उनके पिता जी पारंपरिक खेती करते थे. इसमें किसी तरह घर-परिवार चल पाता था. मैं खीरे की खेती से लाखों में कमाई कर रहा हूं. घनश्यामभाई ने बताया कि एक एकड़ में खीरे की खेती करने में लगभग 30 हजार रुपए का खर्च आता है और करीब 1 लाख रुपए का मुनाफा होता है. उन्होंने बताया कि यदि खीरे की खेती नेट हाउस में की जाए तो उत्पादन और भी अच्छा होता है. एक एकड़ खेत में लगभग 400 क्विंटल तक खीरे का उत्पादन कर सकते हैं. उन्होंने बताया एक किलो खीरे का दाम 15 से 17 रुपए मिल रहा है. गर्मी के मौसम में इसकी बिक्री भी खूब हो रही है.

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खीरे की ऐसे करेंगे खेती तो बंपर होगी पैदवार 
किसान भाई खीरे की खेती खरीफ, रबी और जायद तीनों सीजन में कर सकते हैं. गर्मी के मौसम में खीरे की बुआई फरवरी से मार्च तक की जाती है. इसकी खेती के लिए जल निकासी वाली बलुई और दोमट मिट्टी अच्छी होती है. मिट्टी का पीएच 5.5 से 6.7 तक होना चाहिए. इससे खीरे के बीजों में अंकुरण क्षमता अच्छी होती है. 32 से 40 डिग्री सेल्सियस तक तापमान खीरे की खेती के लिए सही होता है.

बहुत जल्द तैयार हो जाता है खीरा
पूसा संयोग, पूसा बरखा, पूसा उदय, पूना खीरा, स्वर्ण पूर्णिमा, स्वर्ण अगेती, पंजाब सलेक्शन, खीरा 90, कल्यानपुर हरा खीरा, पीसीयूएच-1, स्वर्ण पूर्णा और स्वर्ण शीतल आदि खीरे की अच्छी किस्में मानी जाती हैं. खीरे की खेती के लिए मिट्टी तैयार होने पर मल्चिंग विधि से पौधों को रोपना चाहिए. दो पौधों के बीच की दूरी 60 सेंटीमीटर और दो लाइनों के बीच दूरी 50 सेंटीमीटर होनी चाहिए. खीरे की ग्रीष्मकालीन फसल में 15-20 दिन के अंतर पर 2-3 निराई-गुड़ाई करनी चाहिए. वर्षाकालीन फसल में 15-20 के अंतर पर 4-5 बार निराई-गुड़ाई करनी चाहिए. खीरे का अच्छा उत्पादन लेने के लिए 20-25 टन गोबर की सड़ी हुई खाद प्रति हेक्टेयर के हिसाब से डालनी चाहिए. खीरा बहुत जल्दी तैयार होने वाली फसल है. इसकी बुवाई के दो महीने बाद ही इसमें फल लगना चालू हो जाता है.