
जयपुर पुलिस ने शहर में बाइक चुराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. हैरानी की बात यह है कि सभी तीनों आरोपी कॉलेज स्टूडेंट हैं, जो पोलीटेक्निकल डिप्लोमा कर रहे है. जिन्होंने पढ़ाई में मन नहीं लगा तो गैंग बना ली और इसके बाद बाइक चुराकर उसके पैसों से ऐशो आराम की जिंदगी जीने लगे. पुलिस ने तीनों आरोपियों की कब्जे से चोरी की 7 मोटर साइकिल भी जप्त की है, जो चोरी की बाइक से बाइक चुराने का काम करते थे.
6 मोटरसाइकिल भी बरामद की गई
जयपुर दक्षिण पुलिस उपायुक्त दिगंत आनंद ने बताया कि बीते 28 मार्च को परिवादी सुरेन्द्र सिंह गुर्जर की थड़ी मार्केट, अग्रवाल फार्म मानसरोवर के सामने से तड़के करीब 4.30 बाइक चोरी हो गई. जिसके बाद लगातार मोटर साइकिल चोरी की बढ़ती घटनाओं को लेकर शिप्रापथ थाना पुलिस की स्पेशल टीम बनाई गई. जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सभी घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज से मिलान कर आरोपियों को चिन्हित कर छापेमारी की. जहां आरोपी उज्जवल कटोडा, तुषार नायक और रेहान सिंह को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 6 मोटरसाइकिल भी बरामद की गई.
पोलोटेक्निकल में डिप्लोमा कर रहे हैं तीनों स्टूडेंट
वहीं पुलिस पुछताछ में सामने आया कि कोटपुतली के गांव बरडोद का रहने वाला आरोपी उज्ज्वल खटोडा, अलवर के रामगढ़ का निवासी तुषार नायक और डीग के गांव बेडम का रहने वाला रेहान सिंह जयपुर से पोलोटेक्निकल में डिप्लोमा कर रहे हैं, जो जयपुर में तीनों अलग-अलग किराये के कमरों में रहते हैं. तीनों कॉलेज में ही मिले और बाद में गहरी दोस्ती हो गई. जिसके बाद तीनों ने कुछ समय पहले घुमने-फिरने के लिए एक वैन्यू कार रेंट पर ली लेकिन उसका एक्सीडेंट हो गया. जिसके बाद रेंटल कार कंपनी ने बदले में नुकसान होने पर करीब 1.50 लाख रुपये का खर्चा बताया. जिसको चुकाने के लिए तीनों ने तरकीब सोची और गैंग बना ली.
इसलिए की चोरी की प्लानिंग
इसके बाद बाइक चोरी करने का प्लान बना तीनों ने रेकी शुरू कर दी. इसके बाद आरोपी तड़क जल्दी उठकर अपने कमरे से निकलते और शहर के थड़ी मार्केट, रिद्धी सिद्धी त्रिवेणी नगर, मानसरोवर इलाके और हॉस्टल के बहार खड़ी नई मोटरसाइकिलों को चिन्हित करते. इसके बाद भीड़भाड़ वाले स्थान पार्क गार्डन, मैरिज गार्डन के सामने के मौका देखरकर मोटसाइकिल को मास्टर चाबी से स्टार्ट कर चोरी कर ले जाते. फिर आसपास में सूनसान जगह पर ले जाकर खड़ी कर उसे बाद में जयपुर शहर से बाहर ले जाकर बेच देते थे. इससे मोटी रकम भी मिलती जिसे तीनों मौज-मस्ती और ऐशो आराम की जिंदगी जीने में खर्च करते थे.
लड़कियों पर पैसे लुटाते थे
शिप्रा पथ थानाधिकारी राजेंद्र गोदारा ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने चोरी की बाइक से पहले दुर्घनाग्रस्त हुई रेंटल कार का जुर्माना भरा और उसके बाद मिली रकम को क्लब में मौज-मस्ती में उड़ाया. हालांकि उनका कहना था कि आरोपी आदतन नशेड़ी नहीं है लेकिन क्लब में लड़कियों के साथ जाते और उन पर मौज-मस्ती में पैसा लुटाते थे. जानकारी के अनुसार क्लब में लड़कियों को शराब पिलाने से लेकर बाकी खर्चा भी आरोपी खुद उठाते थे और खुद भी शराब पीते थे. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिसमें कई वारदातों के खुलासा होने की संभावना है.
-विशाल शर्मा की रिपोर्ट