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ग्रह, नक्षत्र और कुरान की आयतें... मुस्लिम एस्ट्रोलॉजर सैयद हसन रजा की कहानी बदलेगी आपकी सोच!

सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी ज्योतिष की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. सैयद हसन रजा के क्लाइंट्स सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुबई और कनाडा तक फैले हुए हैं. विदेशों में बसे भारतीय और अन्य समुदायों के लोग भी करियर, विवाह और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में ज्योतिषीय परामर्श लेते हैं.

मुस्लिम ज्योतिषी सैयद हसन रजा मुस्लिम ज्योतिषी सैयद हसन रजा

आज के दौर में जहां वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं ज्योतिष विद्या को लेकर कई तरह के सवाल खड़े किए जाते हैं. लेकिन क्या यह सिर्फ अंधविश्वास है या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार भी है? वाराणसी के सैयद हसन रजा ने इन सभी सवालों का जवाब अपने अनोखे करियर से दिया है.
सैयद हसन रजा एक मुस्लिम परिवार से आते हैं, लेकिन पिछले एक दशक में उन्होंने 1000 से ज्यादा कुंडलियां बनाई हैं और लोगों को उनकी परेशानियों का समाधान दिया है. खास बात यह है कि उनके क्लाइंट्स सिर्फ हिंदू ही नहीं बल्कि मुस्लिम भी हैं, जो अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनकी ओर रुख करते हैं.

कैसे हुई ज्योतिष में रुचि?
सैयद हसन रजा का जन्म चंदौली जिले के मुगलसराय के बरहुली गांव में हुआ था. उनके पिता किसान थे और शायरी के क्षेत्र में उन्हें "मोहसिन रजा मायम चंदौलवी" के नाम से जाना जाता है.

कृषि और ऋतु परिवर्तन के दौरान चंद्रमा, ग्रहों और नक्षत्रों के प्रभाव को देखते हुए ही सैयद हसन को ज्योतिष में रुचि जागी. इसके बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से मनोविज्ञान में ऑनर्स किया और फिर अंक ज्योतिष व वास्तुशास्त्र की पढ़ाई शुरू की.

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शिक्षा और ज्योतिष में महारत

  • 2013- अंक ज्योतिष (Numerology) में अध्ययन शुरू किया
  • 2015- BHU से वास्तुशास्त्र में डिप्लोमा किया
  • 2017- BHU से ज्योतिष और वास्तु में PG डिप्लोमा किया
  • 2020- इग्नू (IGNOU) से ज्योतिष में मास्टर डिग्री हासिल की

शिक्षा के दौरान सैयद हसन ने विभिन्न शिक्षकों से सीखकर परंपरागत ज्योतिष, अंकशास्त्र और वास्तुशास्त्र में विशेषज्ञता हासिल की और फिर अपने करियर की शुरुआत की.

क्या मुस्लिम भी ज्योतिष में विश्वास करते हैं?
बड़ा सवाल यह है कि क्या मुस्लिम धर्म में ज्योतिष की मान्यता है? इस पर सैयद हसन रजा का कहना है कि ज्योतिष का संबंध सिर्फ हिंदू धर्म से नहीं है. इस्लाम में भी ‘इल्म-ए-जफर’ नाम की एक ज्योतिष पद्धति मौजूद है, जिसे अभी ज्यादा एक्सप्लोर नहीं किया गया है.

कैसे करते हैं मुस्लिम क्लाइंट की मदद?
जब कोई मुस्लिम व्यक्ति ज्योतिषीय सलाह लेने आता है, तो सैयद हसन रजा कुरान और इस्लामिक परंपराओं के अनुसार उपाय बताते हैं. हिंदू धर्म में जहां दान देने की परंपरा है, वहीं मुस्लिम धर्म में इसे सदका कहा जाता है. हिंदू लोग ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए मंत्र जाप करते हैं, वहीं मुस्लिम लोगों के लिए कुरान की आयतों का पाठ करने की सलाह दी जाती है. रत्न पहनने का भी उपाय बताया जाता है, लेकिन मुस्लिम धर्म की मान्यताओं के अनुरूप.

हिंदू क्लाइंट्स को क्यों नहीं होती दिक्कत?
कुछ लोग सोच सकते हैं कि एक मुस्लिम व्यक्ति से हिंदू लोग ज्योतिषीय सलाह लेने में हिचकिचाहट महसूस करते होंगे. लेकिन सैयद हसन रजा का कहना है कि जब कोई डॉक्टर किसी मरीज का इलाज करता है, तो वहां धर्म आड़े नहीं आता, ठीक वैसे ही ज्योतिष भी एक विधा है, जिसमें धर्म की कोई सीमा नहीं होती.

उनके अनुसार, जो लोग सही भविष्यवाणी और समाधान चाहते हैं, वे धर्म की परवाह किए बिना अच्छे ज्योतिषी के पास जाते हैं.

ज्योतिष क्या सच में विज्ञान है या अंधविश्वास?
सैयद हसन रजा कहते हैं कि ज्योतिष भाग्य नहीं बदलता, बल्कि कर्म करने का सही मार्ग दिखाता है. ज्योतिष एक गणितीय प्रणाली पर आधारित है, जहां ग्रहों की स्थिति, नक्षत्रों और दशाओं का अध्ययन कर भविष्य की संभावनाओं का अनुमान लगाया जाता है. वास्तुशास्त्र भी सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि ऊर्जा प्रवाह, दिशाओं और वैज्ञानिक तत्वों पर आधारित प्रणाली है. कई बार खराब वास्तु या गलत समय पर लिए गए फैसले जीवन को प्रभावित कर सकते हैं, जिसे ज्योतिषीय गणना से समझा जा सकता है.

विदेशों में भी बढ़ रही ज्योतिष की मांग
सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी ज्योतिष की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. सैयद हसन रजा के क्लाइंट्स सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुबई और कनाडा तक फैले हुए हैं. विदेशों में बसे भारतीय और अन्य समुदायों के लोग भी करियर, विवाह और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में ज्योतिषीय परामर्श लेते हैं.

ज्योतिषी सैयद हसन रजा कहते हैं, "ज्योतिष कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक गणितीय विज्ञान है. अगर आप सही कर्म करते हैं, तो ग्रहों की दशा भी आपको सफल होने से नहीं रोक सकती. ज्योतिष सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं, यह हर उस व्यक्ति के लिए है, जो सही मार्गदर्शन चाहता है.”