
गणित का विषय कई छात्रों के लिए कठिन साबित होता है. और ऐसा नहीं है कि उन्हें इस विषय में बड़ी कक्षाओं में दिक्कत आती हो. उन्हें बचपन से 2 + 2 को हल करने में समस्या का सामना करना पड़ता है.
खैर इस विषय में मुश्किल का सामना करना कोई परेशानी की बात नहीं है. हर मुश्किल का सामना करने का एक तरीका ज़रूर होता है. और गणित के मुश्किल सवालों को हल करने का आसान तरीका है, 'वेदिक मैथ'. लेकिन क्या होता है ये और कैसे करता है मदद चलिए बताते हैं.
क्या है वेदिक मैथ
जैसा कि इसके नाम में ही शब्द ही वेद, तो यह उन्ही वेदों से निकल कर आया है. दरअसल यह एक तरीका है जिससे माध्यम से हमारे पूर्वज आसानी से जोड़, गुना, भाग और घटा कर लिया करते थे.
दरअसल वेदिक मैथ का तरीका 16 सूत्र (फॉर्मूला) पर आधारित होता है. जो गणित के प्रश्नों को हल करने में मदद करता है. जबकि आज के मैथ के तरीकों में जवाब को हल करने में काफी समय लगता है. जबकि वेदिक मैथ के जरिए दिमाग में ही प्रश्नों को आसानी से हल कर लिया जाता है.
वेदिक मैथ का इतिहास
वेदिक शब्द संस्कृत के शब्द 'वेद' से निकला है. जिसका अर्थ होता है ज्ञान. पुराने जमाने में वेदिक मैथ के जिन तरीकों को इजाद किया गया था उन्हें 20वीं सदी में स्वामी भारती कृष्ण द्वारा अपनाया गया था. उन्होंने भारतीय सवालों को पढ़ा और वेदिक मैथ के तरीकों के जरिए उन्हें आसानी से हल किया. जिसके बाद दुनिया में वेदिक मैथ का बोलबाला हो गया.
कौन इस्तेमाल करता है वेदिक मैथ
वेदिक मैथ को इस्तेमाल करने के लिए किसी विशेष की जरूरत नहीं है. बल्कि इसको हर कोई इस्तेमाल कर सकता है. खासतौर से इसका इस्तेमाल ज्यादातर वे लोग करते हैं, जिनको गणित से जुड़ी कई गणनाओं को करना होता है. इसमें टीचर, वैज्ञानिक आदि शामिल है. इसका इस्तेमाल कर वे आसानी से गणित से जुड़ी पहेलियों को हल कर लेते हैं और अपना कीमती समय बचाते हैं.