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Rajasthan Diwas 2025: सूरत में 11 हजार महिलाओं ने किया घूमर नृत्य, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज नाम

गुजरात के सूरत में राजस्थान स्थापना दिवस के मौके पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें एक नया रिकॉर्ड भी बनाया गया. 11 हजार महिलाओं ने एक साथ घूमर नृत्य किया और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कर लिया. आपको बता दें कि इससे पहले ये रिकॉर्ड जयपुर के नाम दर्ज था, जहां 3 साल पहले महिलाओं ने घूमर नृत्य करने का रिकॉर्ड बनाया था.

Rajasthan Diwas 2025 Rajasthan Diwas 2025

गुजरात के सूरत में राजस्थान स्थापना दिवस के मौके पर एक अद्वितीय और भव्य आयोजन हुआ. जिसमें 11,000 महिलाओं ने एक साथ घूमर नृत्य कर गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया. यह आयोजन राजस्थान युवा संघ ने आयोजित किया गया था और इसमें भारी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया. आपको बता दें कि इससे पहले घूमर नृत्य का रिकॉर्ड 3 साल पहले जयपुर में बनाया गया था. लेकिन इस बार उस रिकॉर्ड को सूरत में तोड़ दिया गया.

राजस्थान स्थापना दिवस का जश्न-
राजस्थान स्थापना दिवस के मौके पर गुजरात के सूरत में भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा महिलाओं ने डांस किया. इस मौके पर महिलाओं ने घूमर नृत्य कर भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक पेश की. 

गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज नाम-
सूरत में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया गया. इस आयोजन में 11,000 महिलाओं ने एक साथ घूमर नृत्य कर गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया. यह पहली बार हुआ है, जब राजस्थान से बाहर किसी दूसरे राज्य में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं ने इकट्ठा होकर घूमर नृत्य परफॉर्म किया है.

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परंपरागत लोकनृत्य है घूमर-
घूमर नृत्य राजस्थान का एक परंपरागत लोकनृत्य है. इस नृत्य में पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों का विशेष महत्व होता है. एक प्रतिभागी ने कहा कि घूमर हमारी जान है, हम राजस्थान में घूमर को बहुत प्यार करते हैं. 

घूमर नृत्य का विकास भील जनजाति ने मां सरस्वती की आराधना करने के लिए किया गया था और बाद में राजस्थानी बिरादरियों ने इसे अपना लिया.

गुजरात का गरबा और राजस्थान का घूमर-
गुजरात का गरबा दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन अब गरबा की तर्ज पर ही राजस्थान के इस पारंपरिक घूमर नृत्य को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है. इस आयोजन ने भारतीय संस्कृति और परंपरा को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है. इस तरह सूरत में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने न केवल गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की महत्ता को भी उजागर किया.

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