
गुरु प्रदोष व्रत के दिन बाबा भोलेनाथ और मां पार्वती की आराधना की जाती है. ऐसा करने से संतान और शत्रु बाधा दूर होती है. अप्रैल माह बस कुछ दिनों में शुरू होने वाला है. आइए जानते हैं इस महीने का पहला गुरु प्रदोष व्रत कब है.
प्रदोष व्रत हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है. गुरुवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष कहा जाता है. ज्योतिष बताते हैं कि प्रदोष का समय सप्ताह में जिस भी दिन पड़ता है, उस दिन की महिमा को बढ़ा देता है. वैदिक पंचांग के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 09 अप्रैल को 10 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी, जो 11 अप्रैल को रात 01 बजे खत्म होगी. ऐसे में 10 अप्रैल को प्रदोष व्रत किया जाएगा. प्रदोष व्रत के दिन महादेव की पूजा करने का टाइम सुबह 06 बजकर 44 मिनट से 08 बजकर 59 मिनट तक है.
गुरु प्रदोष व्रत के लाभ
गुरु प्रदोष व्रत से संतान संबंधी किसी भी मनोकामना की पूर्ति इस दिन की जा सकती है. यदि आप उस दिन चाहते हैं कि आपको संतान की प्राप्ति हो, आप सभी प्रकार के कर्जों से मुक्ति हो जाए, आपको सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि की प्राप्ति हो, आपके शत्रुओं का नाश हो जाए तो आप सर्वप्रथम सुबह उठकर भगवान महादेव का ध्यान कीजिए.
गुरु प्रदोष व्रत की पूजा विधि
1. शिव जी को जल और बेल पत्र अर्पित करें.
2. भोलेनाथ को सफेद वस्तु का भोग लगाएं.
3. शिव मंत्र 'ओम नमः शिवाय' का जाप करें.
4. रात्रि के समय भी शिवजी के समक्ष घी का दीपक जलाकर शिव मंत्र जप करें.
5. रात्रि के समय आठ दिशाओं में आठ दीपक जलाएं.
6. इस दिन जलाहार और फलाहार ग्रहण करना उत्तम होगा. नमक और अनाज का सेवन न करें.
गुरु प्रदोष व्रत के नियम
भगवान महादेव के शिवलिंग का पंचामृत स्नान कराना चाहिए. उनको दूध, दही, घी, शहद, चीनी ये सभी चीजें अर्पित करनी चाहिए. उसके बाद उनका खूब बढ़िया से शृंगार करना चाहिए. माला, फूल, धतूरा, बेलपत्र, मदार ये सब उनको अर्पित करना चाहिए.
गुरु प्रदोष व्रत के उपाय
यदि शादी में विलंब हो रहा है तो एक लोटा जल लेकर उसमें सात चुटकी हल्दी डालकर हल्दीयुक्त जल से महादेव का अभिषेक करना चाहिए. मन में 'ओम नमः शिवाय' का जाप करना चाहिए.
गुरु प्रदोष व्रत का फल
गुरु प्रदोष व्रत की महिमा ऐसी है कि ये आपकी हर मनोकामना को पूरी कर सकता है. जीवन में किसी प्रकार का अभाव नहीं रह जाता. ज्योतिष इसलिए प्रदोष व्रत को बहुत कारगर मानते हैं. गुरु प्रदोष पर संतान संबंधी और शत्रु बाधा दूर करने के उपाय भी बेहद कारगर माने गए हैं. शिव की कृपा से आपके सारे बिगड़े काम बन जाएंगे, क्योंकि शिव तो अनंत हैं. शिव की महिमा अपरंपार है.
दान का महत्व
किसी भी जरूरतमंद कन्या के विवाह के लिए कुछ भोजन सामग्री दान करें. जरूरतमंद लोगों को पीले फल, पीला कपड़ा, चने की दाल, हल्दी, गुड़ और अन्य भोज्य सामग्री दान करें. आप अपने सामर्थ्य के अनुसार जितना संभव हो सके दान करें.