शीतलाष्टमी पर मां शीतला की पूजा से आरोग्य का वरदान मिलता है. चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाने वाला यह व्रत बच्चों की सेहत के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन बासी भोजन का भोग लगाने की परंपरा है. मां शीतला कात्यायनी का वह स्वरूप हैं जो घर से दरिद्रता, दुख और रोग दूर करती हैं. उत्तर भारत में लोकप्रिय इस त्योहार पर विशेष उपाय करके बच्चों को बीमारियों से बचाया जा सकता है. शीतला माता की पूजा और व्रत से संक्रमण और अन्य बीमारियां दूर होती हैं.