
करीब 11 हफ्ते पहले आठ दिन के लिए अंतरिक्ष गईं भारतीय मूल की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स अगले साल से पहले धरती पर नहीं लौट सकेंगी. नासा (National Aeronautics and Space Administration) ने शनिवार को इसकी पुष्टि की.
नासा ने एक्स पर लिखा, "एजेंसी के सभी विशेषज्ञों के रिव्यू के बाद यह फैसला लिया गया है कि नासा का बोइंग स्पेसक्राफ्ट अपने क्रू के बिना वापस आएगा. एस्ट्रोनॉट बुच विलमोर और सुनीता विलियम्स अगले वसंत में धरती पर लौटेंगे."
After extensive review by experts across the agency, NASA's @BoeingSpace Crew Flight Test will return with an uncrewed #Starliner. Astronauts Butch Wilmore and Suni Williams are scheduled to return to Earth next spring aboard #Crew9: https://t.co/bfjenUU1Jf pic.twitter.com/c4NzZVJcvw
— NASA (@NASA) August 24, 2024
नासा ने कहा कि विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर को अंतरिक्ष लेकर गया बोइंग का स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट दोनों अंतरिक्षयात्रियों के बिना ही धरती पर लौटेगा. विलियम्स और विलमोर अगले साल फरवरी में इलोन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स के बनाए गए क्रू ड्रैगन कैप्सुल में वापस आएंगे.
बिन सवारी क्यों लौट रहा स्टारलाइनर?
यहां सबसे पहला सवाल उठता है कि बोइंग (Boeing) का स्टारलाइनर अपनी सवारियों को लिए बिना क्यों लौट रहा है. दरअसल नासा और बोइंग घर लौटते हुए इस खराब स्पेसक्राफ्ट के प्रदर्शन का आंकलन करेंगे. नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने कहा कि इस समय उनकी प्राथमिकता विलियम्स और विलमोर की जिन्दगी सुरक्षित रखना है.
फरवरी 2025 आने तक विलियम्स और विलमोर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में रिसर्च, रखरखाव और सिस्टम टेस्टिंग का काम जारी रखेंगे. दोनों जून 2024 से यहीं फंसे हुए हैं.
नेल्सन ने एक्स पर लिखे गए एक पोस्ट के जरिए कहा, "स्पेसफ्लाइट में जोखिम है, चाहे उसे कितना भी सुरक्षित और सामान्य रखें. बुच (बुच विलमोर) और सुनी (सुनीता विलियम्स) को आईएसएस में रखने का और बोइंग स्टारलाइनर को खाली वापस घर लाने का फैसला सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दिखाता है. यह हमारा मूल मंत्र, हमारा ध्रुव तारा है."
नेल्सन ने स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम की पूरी जांच के लिए नासा और बोइंग की टीमों का शुक्रिया अदा किया. स्टारलाइनर अब सितंबर के शुरुआती हिस्से में आईएसएस से निकलकर धरती पर लैंड कर सकता है.
स्टारलाइनर में आई क्या खराबी?
तकनीकी समस्याओं के कारण सात साल की देरी से उड़ान भरने वाला बोइंग का स्टारलाइनर पांच जून को आठ दिन की यात्रा पर स्पेस गया था. लेकिन छह जून को आईएसएस की ओर बढ़ते हुए स्पेसक्राफ्ट में से हीलियम लीक होता हुआ पाया गया. साथ ही स्पेसक्राफ्ट के रिएक्शन कंट्रोल थ्रस्टर्स (स्पेसक्राफ्ट को नियंत्रण देने वाले थ्रस्टर) में भी खराबी पाई गई. इसी वजह से नासा और बोइंग की इंजीनियरिंग टीमें डेटा रिव्यू, फ्लाइट और ग्राउंड टेस्टिंग और सुरक्षा की समीक्षा में लगे हुए हैं.