आज हम बात कर रहे हैं, यूक्रेन युद्ध की। जिसे रोकने के लिए ट्रंप ने पूरी ताकत लगा दी है. मगर सूरते हाल ये है कि ना तो रूस हमलों से बाज आ रहा है और ना यूक्रेन. इधर सीजफायर पर बात हो रही है. उधर यूक्रेन ने रूस के सैन्य ठिकाने पर ड्रोन्स से बमबारी कर दी. रूस ने भी एक दिन पहले रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया था. कुल मिलाकर समझौता आसान नजर नहीं आ रहा. लेकिन उम्मीद अभी बरकरार है. अब जेलेंस्की पूरी तरह ट्रंप के साथ हैं और ट्रंप भी यूक्रेन की सुरक्षा के लिए ना सिर्फ हथियार भेजने को तैयार हैं बल्कि एनर्जी ठिकानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेना चाहते हैं.