Chaitra Navratri 2025 Day 4: आज नवदुर्गा के चौथे स्वरूप यानी कूष्मांडा की पूजा हो रही है. मां कूष्माण्डा देवी की आठ भुजाएं हैं. इनके सात हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है. आठवें हाथ में जपमाला है. इनका वाहन शेर है. कूष्माण्डा की पूजा करने से रोग-शोक मिट जाते हैं. इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है. मां कूष्माण्डा भक्ति से प्रसन्न होने वाली है. जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी.