सुबह-सुबह करीब साढ़े 5 बजे दिल्ली और आसपास के इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. सिस्मिक हजार्ड माइक्रोजोनेशन ऑफ दिल्ली नाम से जारी रिपोर्ट में भूकंप के खतरे के हिसाब से दिल्ली को तीन जोन में बांटा गया है. यमुना नदी के किनारे के ज्यादातर इलाके. उत्तरी दिल्ली का कुछ हिस्सा और दक्षिण पश्चिम दिल्ली का थोड़ा सा हिस्सा सबसे ज्यादा खतरे वाले जोन में है.लेकिन इस बार भूकंप का एपिसेंटर दिल्ली होने से वैज्ञानिक इस खोज बीन में लग गए हैं कि इस भूकंप के क्या मायने हैं. क्या दिल्ली की धरती के नीचे की हलचल कुछ इशारा कर रही है या बात कुछ और है. तो आज इस मुद्दे पर विस्तार से बात करेंगे. और जानने की कोशिश करेंगे कि क्या धरती के नीचे का राज़ जिसकी वजह से भूकंप आता है और भूकंप के दौरान क्या सावधानी बरती जाए. हमारे साथ तमाम मेहमान जुड़ गए हैं. मगर चर्चा शुरू करने से पहले देखिये हमारी ये रिपोर्ट.