
एआई के बढ़ते चलन के साथ क्लाउड सिक्योरिटी भी जरूरी होती जा रही है. हाल ही में खबर आई है कि गूगल क्लाउज साइबर सिक्योरिटी की मजबूत बनाने की राह एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है. दरअसल वह एक बहुत बड़ी डील को सील करने जा रहा है, जिससे कि वह क्लाउड साइबर सिक्योरिटी के मामले में काफी आगे बढ़ सके.
32 बिलियन की डील
गूगल की पेरेंट कंपनी एल्फाबेट ने क्लाउट साइबर सिक्योरिटी स्टार्ट अप विज को 32 बिलियन डॉलर में खरीदने का फैसला सुनाया है. साथ ही यह पूरी डील कैश में की जाएगी. गूगल द्वारा की गई सबसे बड़ी डीलों में से इसे एक माना जा रहा है.
साइबर सिक्योरिटी के लिए गूगल ने पहले भी कई कदम उठाए है. इसमें उसने मैंडिएंट को खरीदा था. इस कंपनी को गूगल ने 5.4 बिलियन डॉलर की कीमत पर खरीदा था.
विज की ताकत को गूगल खूब अच्छी तरीके से पहचानता है. वह जानता है कि यह किस तरह उसकी क्लाउड सिक्योरिटी को और बढ़ा देगी. इसलिए गूगल ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष इसकी बोली के लिए 10 बिलियन डॉलर और ज्यादा बढ़ा दिए.
गूगल के लिए यह करार क्यों है जरूरी
गूगल के लिए यह डील इसलिए भी ज्यादा जरूरी हो जाती है क्योंकि इस समय एआई का बोलबाला है. मार्केट में अमेजन वेब सर्विस और माइक्रोसॉफ्ट एज्योर मौजूद हैं. जो एआई की दुनिया में साइबर सिक्योरिटी में सबसे आगे बनना चाहते हैं. लेकिन गूगल अपना दांव विज के ऊपर लगाना चाहता है. जिसमें आगे की जेनेरेशन की कई फीचर मौजूद हैं. जो कि एआई जैसे सेक्टर में काफी मददगार साबित होंगे.
विज क्या है?
विज मार्केट में साल 2016 में आया. विज के रेवेन्यू की बात करें तो वह करीब 100 मिलियन डॉलर के करीब रहा. जिसके बाद फंडिंग राउंड में इसकी वेल्यू 12 बिलियन डॉलर के करीब लगाई गई.
विज ऐसी साइबर सिक्योंरिटी सॉल्यूशन देता है, जिनकी मदद से साइबर सिक्योरिटी मजबूत किया जा सकता है. यह साइबर खतरों को पहचानता है और उनके लिए सॉल्यूशन भी बताता है.
कंपनी के सिक्योरिटी प्रोडक्ट्स की डिमांड इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि साइबर स्पेस में एआई का डेटा मौजूद रहता है. जिसपर साइबर अटैक होने का काफी खतरा होता है.