
आज की डिजिटल दुनिया बस एक क्लिक से जिंदगी बदल जाती है और एक वायरल तस्वीर से रातों रात आप दुनिया में फेमस हो जाते है. कुछ ऐसी ताकत है सोशल मीडिया की और इसलिए हर कोई सोशल मीडिया पर स्ट्रांग प्रोफाइल रखना चाहता है. वर्चुअल वर्ल्ड में शोहरत पाने की चाह में लोग न तो अपनी प्राइवेसी का ख्याल रखते हैं और न ही साइबर सिक्योरिटी का.
हाल ही में, सोशल मीडिया पर जिबली इमेज का ट्रेंड चला है. हर कोई एआई जनरेटेड जिबली इमेज शेयर करने लगा है और ये सोशल मीडिया का नया ट्रेंड बनकर उभरा है. यह ओपन एआई का आर्ट फीचर है जो कि रियल पिक्चर को एआई की मदद से जिबली आर्ट का रूप देता है। अब स्टाइल और लाइमलाइट की चाह में इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल हुआ है और सोशल मीडिया पर जिबली तस्वीरें तैर रही हैं.
प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर सवाल
लेकिन सवाल यह है कि क्या एआई प्लेटफार्म पूरी तरह से सुरक्षित हैं? कहीं ट्रेंड के चक्कर में हम अपना डेटा तो नहीं दे रहे? जिन एआई टूल्स पर आप भरोसा कर रहे हैं, क्या वे आपकी निजता का सम्मान करते हैं? जिन एप्स पर आप भरोसा कर रहे हैं बिना सोचे समझे, आप अपनी पर्सनल तस्वीरें अपलोड करते जा रहे हैं, कहीं वे आपका चेहरा तो नहीं चुरा लेंगे? आपका डेटा तो नहीं चोरी हो जाएगा? साइबर एक्सपर्ट्स की माने तो ये प्लेटफार्म न केवल आपका पर्सनल डेटा स्टोर कर रहा है बल्कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल अपनी ट्रेनिंग के लिए भी कर रहे हैं.
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट अमित मल्होत्रा ने कहा, "बिना सोचे समझे एआई प्लेटफार्म पर तस्वीरें अपलोड करना कितना सेफ है, इस पर विचार करना बहुत जरूरी है." वहीं, साइबल क्राइम इंवेस्टर, रितेश भाटिया ने बताया, "एआई कंपनियों पर पहले भी डेटा चोरी के आरोप लगते रहे हैं. ऐसे में एआई बेस्ड ऐप्स का उपयोग करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है."
बरतें सावधानियां
बेशक आर्टिफीसियल इन्टेलिजेन्स ने जिंदगी आसान बना दी है लेकिन यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि इसका प्रोडक्टिव और सेफ इस्तेमाल ही हो. लिहाजा अब से अपनी तस्वीर एआई ऐप पर अपलोड करते वक्त ख्याल रखिए कि कहीं एआई आपका चेहरा तो नहीं चुरा रहा. कहीं आपकी निजी जानकारी सार्वजनिक तो नहीं हो जाएगी? सरकार को भी इस दिशा में सख्त रूल्स और रेगुलेशंस लाने की जरूरत है ताकि आम नागरिकों की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षित रह सके.