
इन दिनों यूजर्स अपनी नॉर्मल सी सेल्फी चैट जीपीटी को दे रहे हैं, और वो उसे स्टूडियो जिबली की जादुई दुनिया में बदल दे रहा है, वो भी चुटकियों में. हरे भरे जंगल, सपनों की दुनिया, और वो रंग जो आप सोच रहे हों, उसे चैट जीपीटी क्रिएट कर दे रहा है. इमेज जैनरेशन का ये कमाल 2023 के आखिर में शुरू हुआ, जब ओपनएआई ने चैटजीपीटी में इमेज जेनरेशन फीचर को ऐड किया. पहले ये सिर्फ GPT-4 के साथ प्लस यूजर्स के लिए था, लेकिन 2024 में लॉगिन की जरूरत हटी और 2025 तक ये और बेहतर हो गया. *अब जिबली और भी एडवांस हो चुका है, इसमें एक एक बारीकियां एआई से क्रिएट होती हैं और वो भी क्लेरिटी के साथ.
कैसी है Studio Ghibli की जादुई दुनिया?
पर मज़ा तब फीका पड़ा जब लाखों लोग इस ट्रेंड में कूद पड़े. इसे इस्तेमाल करने की होड़ ऐसी मची कि हर कोई जिबली सेल्फी बनवाने लगा, और चैटजीपीटी के जीपीयू इस वजह से ठप होने लगे, सर्वर धीमे हो गए, इमेज जैनरेशन में लेटलतीफी होने लगी और कभी-कभी ‘एरर’ का मैसेज भी दिखाई देने लगा! ओपनएआई का रिएक्शन सामने आया, कहा गया इतने सारे लोगों की तस्वीरें संभालना आसान नहीं!’ तो अगली बार अगर आपकी इमेज देर से बने, तो समझ जाना, कि इस प्रॉब्लम को झेलने वाले आप अकेले नहीं हैं.
Face Recognition की चोरी का डर!
अब इस स्टोरी को एक और मोड़ देते हैं. वो सेल्फी जो आप जैट जीपीटी पर अपलोड करते हैं, क्या वो सिर्फ आर्ट बनकर रहती है, बड़ा सवाल ये है. एक्सपर्ट्स कहते हैं, शायद नहीं। आपकी तस्वीर ओपनएआई के डेटा में जा सकती है, और फिर पता नहीं क्या हो! ये दो किस्से शायद पिक्चर थोड़ी और साफ कर दें.
क्लियरव्यू एआई ने सोशल मीडिया से अरबों तस्वीरें चुराईं और चेहरों का डेटाबेस बनाया. उसने इसे पुलिस को बेचा, और वो भी 2020 तक 20 अरब चेहरों का कलेक्शन तैयार करके! लोग भड़क गए, मुकदमे हुए, पर नुकसान हो चुका था। एक और कंपनी से जुड़ी खबर ने ऑनलाइन की दुनिया में हलचल मचाई. ये कंपनी थी आउटाबॉक्स एआई. इसने कहा हम सहमति से काम करते हैं,’ लेकिन इसके डेटा स्टोर करने के तरीके पर सवाल उठे.
तो सोचिए, आपकी जिबली सेल्फी कहीं चेहरे की चोरी का हिस्सा तो नहीं बन रही? ओपनएआई कहता है कि वो प्राइवेसी का ध्यान रखता है, पर उनके नियमों में लिखा है, हम डेटा को सर्विस बेहतर करने के लिए यूज कर सकते हैं. अब अगर आपको डर लगे तो अगला पॉइंट समझिए.
अगर चेहरे की चोरी का डर लग रहा है, तो घबराइए मत, बचाव भी मौजूद है. अपनी सेल्फी की जगह कुछ और अपलोड करिए, जैसे अपने डॉगी की फोटो, पसंदीदा जगह की तस्वीर, या कोई कार्टून. चैटजीपीटी को चेहरा चाहिए ही नहीं, कोई भी इमेज चल जाएगी. या फिर फोटो को पहले ब्लर कर लें—इतना कि चेहरा साफ न दिखे, पर स्टाइल समझ आए. ऐसा करेंगे तो आपको मज़ा भी आएगा और आपकी प्राइवेसी भी सेफ रहेगी.
Studio Ghibli प्राइवेसी बचाने के लिए टिप्स
अब बात करते हैं कि जिबली इमेज का इस्तेमाल कैसे करना है. chat.openai.com पर जाएं, लॉगिन करें. GPT-4o चुनें. अपनी फोटो अपलोड करें और लिख दें. ‘इसे स्टूडियो जिबली स्टाइल में बदल दें.’ बस, कुछ सेकंड में आप जिबली कैरेक्टर बन जाएंगे.
Ghibli Image कैसे बनाएं- Price और Free प्लान!
अगर आप इसे फ्री में यूज करना चाहते हैं, तो अभी फ्री यूजर्स को रोज 3 इमेज जैनरेट करने का फीचर मिलता है. अगर आपको इससे ज्यादा इमेजेज जैनरेट करनी हैं, तो प्लस प्लान लें, जो 20 डॉलर प्रति महीने से शुरू होता है. पहले ये सिर्फ paid यूजर्स के लिए था, पर अब सबके लिए ओपन है. हां, सर्वर पर लोड बढ़े तो फ्री इस्तेमाल करने में आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है.
क्या Ghibli Style से पैसे कमा सकते हैं?
क्या आप भी जिबली स्टाइल इमेजेस से कमाई के सपने देख रहे हैं. लेकिन हम बताएं सच में ऐसा हो सकता है! अपनी सेल्फी को जिबली स्टाइल में बदलिए और उसे टी-शर्ट, पोस्टर, या डिजिटल आर्ट के तौर पर बेच सकते हैं. Etsy या Redbubble पर लोग कस्टमाइज्ड एनिमेशन के दीवाने हैं. या सोशल मीडिया पर अपनी आर्ट को शोकेस करें—फॉलोअर्स बढ़े तो ब्रैंड्स आपको स्पॉन्सर कर सकते हैं. बस चैटजीपीटी की इमेज के कॉपीराइट नियम चेक कर लें, वरना मुनाफे की जगह कहीं सिर पर मुसीबत न आ जाए.
अब आपको बताते हैं बाकी एआई टूल्स के बारे में जो एनिमेशन क्रिएट करते हैं. एआई की दुनिया में चैटजीपीटी अकेला प्लेयर नहीं है और भी टूल्स हैं जो कमाल करते हैं.
- क्रेयॉन, फ्री और आसान. जिबली से लेकर बेसिक स्टाइल तक कुछ भी बना सकते हैं.
- आर्टब्रीडर, तस्वीरों को मिक्स करें, स्टाइल बदलें. कुछ फीचर्स फ्री, कुछ paid हैं.
- रनवे एमएल, हाई-क्वालिटी एनिमेशन जैनरेट होता है और वो भी फ्री ट्रायल के साथ.
इनके साथ आप अपनी जेब ढीली किए बिना क्रिएटिविटी का मज़ा ले सकते हैं.
ChatGPT में और कौन-सी Animation Style?
ChatGPT अकेला बॉस नहीं है. क्रेयॉन फ्री है, पर डिटेल में कमजोर. मिडजर्नी की इमेजेस शानदार हैं, पर उसका इंटरफेस थोड़ा मुश्किल है. Dall-E (जो ओपनएआई का ही है) भी जिबली स्टाइल बना सकता है, पर चैटजीपीटी की खासियत है उसकी चैट+इमेज की जोड़ी, तो अगर आसान और मल्टीटास्किंग टूल चाहिए, तो चैटजीपीटी सबसे आगे है.
अब थोड़ा बहुत जिबली इमेजेस की हिस्ट्री की बात भी कर लेते हैं. थोड़ा पीछे चलते हैं और जानते हैं कि जिबली स्टाइल आया कहां से? 1985 में जापान में हयाओ मियाजाकी, इसाओ ताकाहाता, और तोशियो सुजुकी ने स्टूडियो घिबली शुरू किया. नाम आया अरबी शब्द ‘जिबली’ से, जिसका मतलब है गर्म रेगिस्तानी हवा. ये स्टूडियो अपनी हाथ से बनी कला, खूबसूरत बैकग्राउंड, और गहरी कहानियों के लिए मशहूर हुआ.
‘माय नेबर टोटोरो’, ‘स्पिरिटेड अवे’, और ‘प्रिंसेस मोनोनोके’ ने इसे दुनिया भर में पहचान दी. मियाजाकी का प्रकृति से प्यार और पुराने जापानी आर्ट ने इसे खास बनाया और आज, ये स्टाइल एआई की हेल्प से हमारी सेल्फी में जिंदा हो रहा है!"
Ghibli Style की पॉपुलैरिटी- क्यों सबके पीछे पड़े हैं यूजर्स?
कभी सोचा कि जिबली स्टाइल इतना हिट क्यों है? इसके पीछे है इसकी सादगी और गहराई। मियाजाकी की फिल्में बच्चों को सपने दिखाती हैं और बड़ों को जिंदगी का मतलब. आजकल लोग टेंशन भरी जिंदगी से भागकर जिबली की शांत दुनिया में जाना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर #GhibliArt ट्रेंड कर रहा है. लाखों लोग अपनी इमेज शेयर कर रहे हैं। तो ये सिर्फ कला नहीं, एक फीलिंग है जो सबको छू रही है!
Ghibli Style और AI का Future कैसा होगा?
सोचिए, 5 साल बाद क्या होगा? शायद चैटजीपीटी आपकी आवाज सुनकर जिबली स्टाइल में वीडियो बना दे. या स्टूडियो जिबली खुद एआई को ट्रेन करे ताकि उनकी फिल्में तेजी से बनें। पर एक डर भी है—अगर एआई असली घिबली को कॉपी करने लगा, तो क्या हाथ से बनी कला की वैल्यू कम हो जाएगी? ये सवाल भविष्य तय करेगा, पर अभी सिर्फ इस जिबली की एआई वाली दुनिया में गोते लगाइए!"