
श्रीनगर में एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन खुल गया है, जिसमें 74 किस्मों के 20 लाख फूल खिले हैं. हर साल की तरह इस बार भी लाखों सैलानी इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए दूर-दूर से पहुंचेंगे. इस बार गार्डन में कुछ नई किस्में भी जोड़ी गई हैं, ताकि सैलानियों को हर बार कुछ नया देखने को मिले.
टूरिस्ट सीज़न की शुरुआत
श्रीनगर में गर्मियों के टूरिस्ट सीज़न की शुरुआत हो चुकी है और इसका मुख्य आकर्षण ट्यूलिप गार्डन है. गार्डन में इस बार 74 किस्मों के करीब 20 लाख फूल खिले हैं, जो सैलानियों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करेंगे. ट्यूलिप के फूल दुनिया में सबसे सेंसिटिव फूल माने जाते हैं और ये किसी खास वातावरण में ही उगते हैं.
ट्यूलिप के खिलने की समय सीमा मात्र एक से दो हफ्ते होती है, लेकिन जब ये खिलते हैं तो एक अलग ही खूबसूरत नजारा पेश करते हैं. कश्मीर में ट्यूलिप गार्डन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहां के प्राकृतिक वातावरण में ये फूल कुदरती तौर पर उगाए जाते हैं.
ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव
पहले अप्रैल के शुरू में ये फूल खिलते थे, लेकिन अब ग्लोबल वार्मिंग के चलते मार्च के अंत में ही ये फूल खिल जाते हैं. यही कारण है कि इस बार गार्डन को मार्च के अंत में ही खोल दिया गया है. इस बार गार्डन में सैलानियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. गार्डन में नई किस्मों के फूल जोड़े गए हैं ताकि हर बार की तरह इस बार भी सैलानियों को नया अनुभव मिल सके.
पिछले साल का रिकॉर्ड
पिछले साल साढ़े 4 लाख से ज्यादा लोग ट्यूलिप गार्डन की खूबसूरती निहारने पहुंचे थे. इस बार 5 लाख से ज्यादा सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद है. ट्यूलिप गार्डन हर साल मार्च के आखिरी हफ्ते में या अप्रैल में खुलता है और यह एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है. यहां का मुख्य आकर्षण ट्यूलिप के फूल हैं. इस बार गार्डन में 74 किस्मों के करीब 20 लाख फूल खिले हैं, जो सैलानियों को फूलों की शादियों में होने का अहसास कराएंगे.
टूरिज्म का नया कैलेंडर
ट्यूलिप गार्डन की वजह से अब श्रीनगर का टूरिज्म कैलेंडर भी बदल गया है. पहले यहां का पर्यटन सीज़न गर्मियों में शुरू होता था, लेकिन अब ट्यूलिप गार्डन की वजह से सैलानी मार्च से ही यहां आने लगते हैं. तो अगर आप भी इस वीकेंड कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो श्रीनगर का रुख कर सकते हैं और यहां अलग-अलग रंगों के ट्यूलिप की खूबसूरती को निहारकर आंखों को सुकून पहुंचा सकते हैं.