
जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नया टैरिफ लगाने की घोषणा की, तो दुनियाभर के व्यापारिक बाजार में हलचल मच गई. लेकिन मैक्सिको और कनाडा को इस टैरिफ से छूट मिल गई. सवाल ये उठता है कि बाकी देशों पर शुल्क लागू होने के बावजूद अमेरिका ने इन दो पड़ोसी देशों को क्यों बख्श दिया? क्या इसके पीछे सिर्फ व्यापारिक रिश्ते हैं या फिर कोई बड़ा समझौता काम कर रहा है?
इस छूट का असली कारण है USMCA (United States-Mexico-Canada Agreement)- एक ऐसा व्यापारिक समझौता जिसने मैक्सिको और कनाडा को इस आर्थिक झटके से बचा लिया.
USMCA क्या है और यह कैसे काम करता है?
USMCA (यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट), NAFTA (North American Free Trade Agreement) का अपडेटेड वर्जन है. 1994 में लागू हुए NAFTA के तहत अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा के बीच ट्रेड टैरिफ को कम किया गया था, ताकि तीनों देशों के बीच मुक्त व्यापार (Free Trade) बढ़ सके.
लेकिन 2020 में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने NAFTA को रद्द कर USMCA लागू किया और इसे पहले से ज्यादा सख्त और व्यापारिक रूप से संतुलित बनाया. USMCA का मकसद तीनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना और अमेरिकी कंपनियों को ज्यादा फायदा दिलाना था.
USMCA के तहत किन उत्पादों को टैरिफ से छूट मिलती है?
अगर कोई उत्पाद USMCA की गाइडलाइंस के अनुसार तैयार होता है, तो उसे अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ से छूट मिलती है.
यही वजह है कि मैक्सिको और कनाडा को नए टैरिफ से बचने का मौका मिला क्योंकि उनके उत्पाद पहले से ही USMCA के तहत व्यापार कर रहे थे.
तो अमेरिका ने मैक्सिको और कनाडा पर कोई टैरिफ नहीं लगाया?
हालांकि, यह पूरी तरह से सही नहीं है! मैक्सिको और कनाडा से आने वाले स्टील और एल्युमिनियम पर पहले से अलग टैक्स लगाए गए हैं. वहीं, ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनियां अगर USMCA के नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उन्हें अतिरिक्त टैरिफ देना होगा.
इसके अलावा, अमेरिका ने पहले मैक्सिको और कनाडा पर 25% तक का शुल्क लगाया था क्योंकि वह चाहता था कि ये देश फेंटेनाइल ड्रग्स और माइग्रेशन पर सख्त कार्रवाई करें. लेकिन ट्रंप प्रशासन ने बाद में USMCA के तहत कुछ विशेष प्रोडक्ट्स पर छूट दे दी.
अगर USMCA नहीं होता, तो क्या होता?
अगर मैक्सिको और कनाडा USMCA का हिस्सा नहीं होते, तो उन्हें भी बाकी देशों की तरह 10% या उससे ज्यादा का टैरिफ देना पड़ता. इससे उनके निर्यात में भारी गिरावट आती. साथ ही कनाडा की ऑटो इंडस्ट्री और मैक्सिको की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को नुकसान होता. वहीं, अमेरिका को भी इन देशों से महंगे उत्पाद खरीदने पड़ते, जिससे वहां महंगाई बढ़ सकती थी.
इसीलिए USMCA ने तीनों देशों को एक दूसरे पर निर्भर रहने का फायदा दिया और इसी वजह से मैक्सिको और कनाडा अमेरिका के नए टैरिफ से बच पाए.
अमेरिका को इससे क्या फायदा?
अमेरिका की मौजूदा नीति कहती है कि अगर फेंटेनाइल और माइग्रेशन से जुड़ी समस्याओं पर कोई बड़ा बदलाव आता है, तो USMCA के तहत टैरिफ छूट जारी रहेगी. लेकिन अगर अमेरिका को लगता है कि मैक्सिको या कनाडा अपने व्यापारिक समझौतों का सही पालन नहीं कर रहे हैं, तो भविष्य में टैरिफ बढ़ सकता है.