
रूस के खिलाफ तीन साल से चल रही जंग के बाद यूक्रेन 30 दिन के युद्धविराम के लिए राज़ी हो गया है. यह फैसला सऊदी अरब में यूक्रेन और अमेरिका की बैठक के बाद लिया गया. दोनों देशों के संयुक्त बयान में कहा गया कि यूक्रेन अमेरिका के "30 दिन के अंतरिम युद्धविराम को लागू करने के लिए राज़ी है, जो दोनों पक्षों की आपसी समझ से बढ़ाया भी जा सकता है."
क्या होंगी युद्धविराम की शर्तें?
इस युद्धविराम के लागू होने के लिए फिलहाल रूस की हामी जरूरी है. हालांकि ज़ेलेंस्की ने अमेरिका की तरफ से प्रस्तावित युद्धविराम की शर्तों का खुलासा किया है. ज़ेलेंस्की ने अपने टेलीग्राम पर लिखा, "युद्धविराम 30 दिन का होगा. यह सिर्फ मिसाइलों, ड्रोन्स और बमों का नहीं होगा, सिर्फ काला सागर में लागू नहीं होगा. बल्कि यह अग्रिम पंक्ति पर भी लागू होगा."
अब रूस के पाले में गेंद
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्हें रूस की ओर से युद्धविराम को मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है. अमेरिकी अधिकारी बुधवार को रूस के साथ बैठक कर सकते हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अब गेंद रूस के पाले में है.
रूबियो ने कहा, "हम उन्हें बताएंगे कि युद्धविराम की ये शर्ते हैं.यूक्रेन युद्ध रोकने और बात करने के लिए तैयार है. अब हां या ना कहना उनकी मर्ज़ी होगी. अगर वे ना कहते हैं तो दुर्भाग्यवश हमें पता होगा कि शांति के आड़े कौन आ रहा है." अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा, "यूक्रेनी डेलीगेशन ने आज एक बात साफ कर दी है. वह राष्ट्रपति ट्रम्प की तरह शांति चाहते हैं."
क्या चाहता है रूस?
रूस ने यूक्रेन पर तीन साल पहले हमला किया था. 37 महीने से ज्यादा चल चुके युद्ध के बाद रूस ने यूक्रेन की 20 प्रतिशत ज़मीन पर कब्जा कर लिया है. इसमें क्रीमिया भी शामिल है.
जहां तक बात युद्धविराम की है, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन साफ कर चुके हैं कि वह युद्धविराम के लिए तैयार हैं. उनकी शर्त यह है कि वह यूक्रेन की वह ज़मीन नहीं छोड़ेंगे जिसपर रूस कब्जा कर चुका है. उनका कहना है कि यूक्रेन को अपने वे चारों क्षेत्र छोड़ने होंगे जो आंशिक रूप से रूस के कब्जे में हैं.